गृह मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि करमापा से जुड़े बौद्ध मठ से बरामद हुए धन की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने से पहले मैं किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि कई सरकारी एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं।
करमापा से जुड़े हिमाचल प्रदेश के एक ट्रस्ट ऑफिस से लगभग 7.5 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। इस धन के चीन से जुड़े होने के मसले पर उन्होंने कहा कि मुझे इस संबंध में बताया गया है। हालांकि मैं अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा हूं। इसलिए फिलहाल इस मामले पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूं। वहीं, करमापा ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। करमापा ने कहा कि यह पैसा पूरी दुनिया से ट्रस्ट से जुड़े भक्तों ने दान दिया है।
पुलिस ने 26 जनवरी को दो व्यक्तियों आशुतोष और संजय दत्त को एक करोड़ रुपये के साथ पकड़ा था। इसके बाद करमापा के ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी शक्ति लामा की गिरफ्तारी हुई थी। इनको नौ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
एजेंसी
वहीं मठ के पदाधिकारी गोंपू शेरिंग के घर और दफ्तर पर मारे गए छापे में चार लाख रुपये कीमत के अमेरिकी डॉलर मिले थे।
करमापा बीजिंग के एजेंट नहीं : चीन
बीजिंग। चीन ने सोमवार को कहा कि तिब्बतियों के धर्मगुरू 17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे उनके जासूस नहीं हैं। भारतीय मीडिया में खबर आई थी कि चीन उनके जरिए भारतीय बौद्ध मठों पर कब्जा करना चाहता है।
चीन ने इन आरोपों का भी खंडन किया है कि करमापा के मठों और आवास से बरामद हुई करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा से उसका कोई लेना देना है।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के एक अधिकारी जियू झिंताओ ने एक साक्षात्कार में कहा कि भारतीय मीडिया का यह आंकलन कि कर्मा कग्यू संप्रदाय के 17वें करमापा चीनी एजेंट या जासूस हैं से पता चलता है कि भारत में कुछ लोगों में चीन के प्रति अविश्वास की भावना है। उन्होंने कहा कि 17वें करमापा को भगवान बुद्ध का अवतार माना जाता है तथा धार्मिक विभूति के रूप में चीनी सरकार उन्हें मान्यता दे चुकी है। एजेंसी
बौद्ध धर्म की तिब्बती शाखा में धर्म प्रमुख के लिए अवतार की धारणा खास तरह की है और उन्हें बेहद आदर के साथ देखा जाता है।
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