यमन में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में एक की मौत, इराक में भी सत्ता विरोधी प्रदर्शन शुरू
मिस्र के आंदोलन का असर चीन में भी पड़ता दिखाई दे रहा है और राजधानी पेइचिंग और प्रमुख औद्योगिक शहर शंघाई में रविवार को बड़ी संख्या में लोग सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हुए, जबकि पुलिस के दखल के बाद प्रदर्शनकारी सड़कों से हट गए। पेइचिंग के वांगफुजिंग स्ट्रीट पर सैकड़ों लोग जमा हुए थे। यहां विदेशी पत्रकार भी मौजूद थे। नोबेल पुरस्कार विजेता लियू जियाओबो के समर्थन निकले जुलूस के बाद यह पहला मौका था कि इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और इसके बाद लोग वहां से चले गए। इस दौरान विदेशी पत्रकारों ने पुलिस की कार्रवाई को अपने कैमरों में कैद कर लिया। शंघाई के पीपुल्स स्क्वेयर पर भी लोग जमा हुए थे और पुलिस के आने के बाद हटे।
यमन में प्रदर्शनकारी की मौत : यमन के अदन शहर में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और समर्थकों के बीच हुई झड़प में एक युवक की मौत हो गई और कई छात्र घायल हो गए जबकि गृह मंत्रालय ने राजधानी सना में एक व्यक्ति के मारे जाने की खबरों को निराधार बताया है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं, लेकिन सिर्फ चार लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी। सना में कोई मौत नहीं हुई है। इससे पहले खबरों में कहा गया था कि सना में सुरक्षा बलों के साथ झड़प के दौरान एक युवक की मौत हो गई और पांच घायल हो गए।
इराक में भी सत्ताविरोधी प्रदर्शन : इराक के अर्धस्वायत्त क्षेत्र कुर्दिस्तान में राजनीतिक सुधारों की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन हुए वहीं राजधानी बगदाद में विधवाओं और अनाथों के लिए अधिक अधिकार देने की मांग के साथ प्रदर्शन हुआ। उत्तरी शहर सुलेमानिया में प्रदर्शनकारियों ने गत दो दिनों में प्रदर्शनों में हुई मौतों के लिए सरकार की ओर से माफी मांगे जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यहां सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में 12 लोग घायल हुए थे। सुलेमानिया में ही सैकड़ों छात्रों ने सत्तधारी केडीपी पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए देश में राजनीतिक सुधारोें की मांग की।
मोरक्को भी चला ट्यूनीशिया की राह रब्बात : मोरक्को के शाह मोहम्मद से जनजांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार को अपने विशेषाधिकार हास्तांतरित करने और न्यायिक व्यवस्था को ज्यादा स्वतंत्र करने की मांग को हजारों प्रदर्शनकारी जल्द ही सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ट्यूनीशिया और मिस्र में हुए जन आंदोलन के बाद मोरक्को में भी जन आंदोलन के विचार ने फरवरी 20 आंदोलन के लिए फेसबुक पर 19000 समर्थकों को एकजुट कर लिया। इस आंदोलन के तहत प्रदर्शनकारी शाह मोहम्मद से गठबंधन सरकार को बर्खास्त करने और संसद को भंग करने की मांग करेंगे।
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