Wednesday, February 23, 2011

लीबिया से 18 हजार भारतीयों को निकालने की तैयारी


लीबिया में राजनीतिक अस्थिरता और नाजुक हालात के मद्देनजर सरकार ने जरूरत पड़ने पर वहां मौजूद 18 हजार भारतीयों को निकालने की योजना तैयार कर ली है। स्थिति की निगरानी के लिए विदेश मंत्रालय में बनाए गए सिचुएशन रूम को इंतजार है त्रिपोली स्थिति भारतीय राजदूत के इशारे का। इस बीच लीबिया में मची अफरा-तफरी के बीच वहां एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। हालांकि विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारतीय नागरिक मुरुगैया की मौत सड़क हादसे के कारण हुई। त्रिपोली स्थित भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के मुताबिक मुरुगैया समेत तीन भारतीय नागरिक और मिस्त्र के दो नागरिक 19 फरवरी की रात कार से सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे तभी उनकी गाड़ी टकरा गई। इसमें तीनों भारतीयों को गंभीर चोट आई। मुरुगैया की मौत इस हादसे में हुए जख्मों के कारण ही हुई। शेष दो भारतीय नागरिकों का इलाज तोबुर्क के एक अस्पताल में चल रहा है। लीबिया के हालात के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि सरकार के लिए लीबिया में मौजूद हर भारतीय की जान कीमती है और उन्हें बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी। हम लगातार अपने दूतावास के सतत संपर्क में हैं। वहीं लीबिया के हालात पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री वायलार रवि ने कहा कि जरूरत पड़ने पर भारतीयों को वहां से निकालने की व्यवस्था की जा रही है। बीते 48 घंटों में सरकार में उच्च स्तर पर खाड़ी, पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका क्षेत्र में छाई सियासी अस्थिरता के मद्देनजर हालात की निगरानी हो रही है। सूत्रों के मुताबिक संभावित बचाव मिशन के लिए भारतीय नौसेना को भी सतर्क किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लीबिया में मौजूद 18 हजार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। नौसेना मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक आपात स्थिति पैदा होने पर नौसेना के पास ऐसी क्षमताएं मौजूद हैं जिनके सहारे नागरिकों को बाहर निकालने के अभियान को अंजाम दिया जा सके। भारतीय नौसेना का युद्धपोत अदन की खाड़ी में निगरानी मिशन पर पहले ही तैनात है। लीबिया ने अगले आदेश तक हवाई मार्गो को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है। इससे रूस, ऑस्टि्रया समेत कई मुल्कों को नागरिकों को निकालने को परेशानी हो रही है।
लीबिया में एक भारतीय की मौत : लीबिया में चल रहे तानाशाह कर्नल गद्दाफी विरोधी प्रदर्शनों और हिंसा के बीच वहां काम करने गए एक भारतीय श्रमिक की मौत हो गई है, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो है। मरने वाला तमिलनाडु का रहने वाला था। कोरियाई कंपनी ह्यूंदे से जुड़े मुगुरय की पत्नी वेल्लाथई ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनके पति का शव लाने के बंदोबस्त किए जाएं। वेल्लाथई ने कहा है कि उनके पति के दोस्त अशोक कुमार ने 20 फरवरी को उन्हें यह सूचना दी थी।

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