Saturday, February 12, 2011

रंग लाया मिस्र का जनआंदोलन, होस्नी मुबारक ने पद छोड़ा


ट्यनीशिया की जनक्रांति से प्रेरित मिस्र का जनआंदोलन आखिरकार रंग लाया। 30 वर्षो से सत्ता पर काबिज राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने लंबे हठ के बाद शुक्रवार को पद त्यागकर देश की बागडोर सेना के हवाले कर दी। इस तरह मात्र 18 दिन के भीतर वर्षो से चली आ रही तानाशाह सरकार का अंत हो गया। सेना ने सितंबर में आम चुनाव कराने का वादा किया है। मिस्र में 25 जनवरी से शुरू हुए जनआंदोलन के बाद उपराष्ट्रपति नियुक्त किए गए पूर्व खुफिया प्रमुख उमर सुलेमान ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर घोषणा कर मुबारक के इस्तीफे की जानकारी दी। इससे पहले राजधानी काइरो स्थित राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ते जनसैलाब को देखते हुए सेनाप्रमुख जनरल शमी एन्नान हेलीकॉप्टर से मुबारक को शर्म अल शेख ले गए। गुरुवार रात राष्ट्रीय चैनल पर संबोधन में मुबारक ने कहा था कि वह सितंबर तक अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने इस्तीफे की मांग कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सहित सभी पश्चिमी देशों से दोटूक कहा था कि वह किसी के फरमान का पालन नहीं करेंगे। मुबारक ने यह बयान गुरुवार रात सेना की सुप्रीम काउंसिल के साथ बैठक के बाद दिया था। बैठक के बाद सेना ने मुबारक को पूरा समर्थन दिया था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो वह हस्तक्षेप करने से गुरेज नहीं करेगी। शुक्रवार को लाखों प्रदर्शनकारियों ने काइरो के तहरीर चौक से राष्ट्रपति भवन की ओर रुख कर लिया। वे मुबारक के गुरुवार के भाषण के बाद बेहद उग्र नजर आ रहे थे। 18 दिनों से तहरीर चौक पर डेरा डाले बैठे प्रदर्शनकारियों को बीते तीन दिनों से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी रही थी, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। सबसे पहले उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान फिर दूसरे दिन विदेश मंत्री अहमद अबुल घेत और तीसरे दिन खुद सेना ने जनता से घर लौटने को कहा, लेकिन मुबारक के इस्तीफे से कम पर वे तैयार नहीं हुए। हालांकि गुरुवार रात को मुबारक के सत्ता छोड़ने से इंकार के बाद सेना की चेतावनी ने प्रदर्शनकारियों को निराश कर दिया, लेकिन शुक्रवार सुबह वे नए जोश के साथ सड़कों पर उतरे और मुबारक के वर्षो के शासन का अंत हो गया। तीन सप्ताह से तहरीर चौक पर डेरा डाले बैठे हजारों युवाओं ने जैसे ही मुबारक के इस्तीफे की खबर सुनी उन्होंने जोर-जोर से कार हॉर्न बजाकर डांस किया। कैबिनेट बर्खास्त, संसद निलंबित : उप राष्ट्रपति ओमर सुलेमान ने बताया है कि उच्च सैन्य परिषद फिलहाल देश की बागडोर संभालेगी। रक्षा मंत्री मुहम्मद हुसैन तांतावी परिषद के प्रमुख होंगे। राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव सितंबर में कराए जाएंगे। चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे। मुबारक के इस्तीफे के साथ ही उच्च सेना परिषद ने कैबिनेट को तत्काल बर्खास्त कर दिया। संसद के दोनों सदनों को निलंबित कर दिया। सेना सर्वोच्च संवैधानिक न्यायालय के साथ मिलकर देश की बागडोर संभालेगी। नए सिरे से होगा नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी का गठन : देश की सत्ता पर 30 वर्षो से काबिज होस्नी मुबारक की नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी का नए सिरे से गठन किया जाएगा। हाल में पार्टी के महासचिव बने होस्साम बदरावी ने निजी चैनल अल-हयात टीवी से कहा अब नए शासन के लिए नई पार्टी का गठन किया जाएगा, तभी नई सोच को बेहतर समझा जा सकेगा। मुस्लिम ब्रदरहुड से उम्मीदें : मिस्र में 57 वर्षो से प्रतिबंधित मुिस्लम ब्रदरहुड को सबसे प्रमुख विपक्षी दल माना जा रहा है। हालांकि अमेरिका सहित पश्चिमी देश इस संगठन का झुकाव कट्टरपंथ की ओर मानते हैं, लेकिन अधिकतर जानकारों मुस्लिम ब्रदरहुड के बारे में ऐसा नहीं सोचते। जहां तक मिस्र के लोगों की बात है तो इस संगठन की अच्छी पैठ बताई जाती है। देखना होगा यह होगा कि मुस्लिम ब्रदरहुड भविष्य में पश्चिम के साथ किस तरह पेश आता है?

No comments:

Post a Comment