Monday, February 21, 2011

कुशल भारतीयों की फौज चाहता है ब्रिटेन


ब्रिटेन हर साल सूचना प्रौद्योगिकी में निपुण करीब 20 हजार भारतीयों को ब्रिटेन में बुलाना चाहता है। ब्रिटेन के समाचार पत्र संडे एक्सप्रेसके मुताबिक भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स में होने जा रहे व्यापारिक समझौते में इसका मसौदा तैयार हो रहा है।
समाचार पत्र ने गोपनीय दस्तावेज के हवाले से भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते से पहले यह जानकारी दी है। ब्रिटेन जाने वाले ये युवा इंट्राकंपनी ट्रांसफर वीजाके तहत ब्रिटेन में प्रवेश करेंगे। इस वीजा से विदेशी कंपनियां सस्ते श्रम को अधिकतम पांच सालों के लिए ब्रिटेन में भेज सकती हैं। इस व्यापारिक समझौते की शुरुआत ईयू के पूर्व ट्रेड कमिश्नर लार्ड मंडेलसन ने 2007 में की थी। इसके जून 2011 तक मंजूर हो जाने की संभावना है। यह समझौता भारतीयों को ब्रिटेन सरकार के नए अप्रवासी नियमों में ढील देने के अलावा वहां रहने के पहले साल में नेशनल इंश्योरेंस स्कीम से भी मुक्त रखेगा।

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