Thursday, February 17, 2011

चीन की सैन्य तैयारियों पर चौकस रहने की जरूरत


रक्षा मंत्री एके एंटनी ने बुधवार को पड़ोसी देश चीन की सैन्य तैयारियों को लेकर गंभीर चिंता जताई। एंटनी ने कहा कि भारत को भी अपनी रक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा करने और सुरक्षा चुनौतियों के प्रति चौकस रहने की जरूरत है। एशिया सुरक्षा सम्मेलन से इतर संवाददाताओं से मुखातिब एंटनी ने कहा, चीन की सेनाओं का आधुनिकीकरण और उसका अब तक का सबसे बड़ा सैन्य बजट गंभीर चिंता का विषय है। लेकिन, हम अनावश्यक रूप से चिंतित नहीं हैं क्योंकि हम भी अपनी सशस्त्र सेनाओं को आधुनिक और मजबूत बनाएंगे। चीन की बढ़ती सैन्य ताकत के बारे में पूछे गए एक सवाल पर एंटनी ने कहा, किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हम भी अपनी क्षमताएं बढ़ाएंगे और बुनियादी ढांचा मजबूत करेंगे। हम ऐसा कर भी रहे हैं। पिछले दिनों खबरें आई थीं कि चीन ने भारत से लगे इलाकों में मिसाइलों की तैनाती की है और वहां अपना सैन्य ढांचा मजबूत कर रहा है। इसके बाद भारत ने भी सीमावर्ती इलाकों में सड़क व हवाई पट्टियां दुरुस्त कीं। चीन से लगे सीमावर्ती राज्यों में भारत लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआइ की चार स्क्वाड्रन भी तैनात करने जा रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा, सशस्त्र सेनाओं की क्षमताओं की समीक्षा निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। रक्षा तैयारियों की समीक्षा नियमित तौर पर की जा रही है और यदि कहीं कोई कमी नजर आती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा। चीन के साथ लंबित सीमा विवाद पर एंटनी ने कहा, जटिल सीमा विवाद केवल संवाद और चर्चा से ही सुलझाया जा सकता है। पाकिस्तान के साथ वार्ता पर उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान मुंबई आतंकी हमले के दोषियों पर कार्रवाई नहीं करता दोनों देशों के बीच वार्ता प्रक्रिया में सार्थक प्रगति संभव नहीं है। एंटनी ने कहा, 26/11 पर भारत की चिंताओं के मद्देनजर पाकिस्तान के ठोस कदमों से ही वार्ता प्रक्रिया में सार्थक प्रगति हो सकती है।

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