Saturday, February 26, 2011

अब इराक के तहरीर चौक पर उमड़ा जन सैलाब


इराक में शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों में कम से कम नौ लोग मारे गए, जबकि हजारों की संख्या में लोगों ने आर्थिक सुधारों, बेहतर सामाजिक सेवा, रोजगार के अवसर और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग को लेकर सख्त सुरक्षा के बीच विरोध प्रदर्शन किए। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक धार्मिक और सरकारी अधिकारियों ने लोगों से बगदाद के तहरीर चौक और अन्य शहरों में प्रदर्शन न करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद लोगों ने चेतावनी का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया। अधिकारियों का आरोप है कि आतंकवादी संगठन अल कायदा और पूर्व नेता सद्दाम हुसैन के निष्ठावानों द्वारा इन प्रदर्शनों की साजिश रची गई है। सुरक्षाबलों द्वारा इराक के उत्तरी शहर मोसुल में की गई गोलीबारी में पांच प्रदर्शनकारी मारे गए और दर्जनों घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी एक स्थानीय सरकारी इमारत में घुसने का प्रयास कर रहे थे। इसके अलावा किर्कुक के उत्तर में स्थित हवेजा कस्बे में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में भी चार लोग मारे गए। प्रांतीय परिषद के भवन में आग लगाने के लिए शुक्रवार सुबह करीब 2000 प्रदर्शनकारी यहां जुटे थे। प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार के दिन को रेवॉल्यूशन ऑफ इराकी रेज का नाम दिया है, जिसका मतलब है कि इराक में क्रांति की लहर। राज्यपाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बसरा के दक्षिणी शहर में करीब 4000 लोगों ने धरना दिया। अलसुमारिया अखबार के मुताबिक प्रदर्शन के कुछ ही घंटों बाद राज्यपाल शेल्ताग अब्बूद ने इस्तीफे की घोषणा कर दी है। उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारियों पर कथित रूप से बल प्रयोग करने और मीडिया पर पाबंदी लगाने पर प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी की सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स वाच (एचआरडबल्यू) ने कहा कि इस सप्ताह के पहले बगदाद में इराकी पुलिस ने हत्यारों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमले करने की इजाजत दी थी

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