Saturday, February 5, 2011

फिर तेज हुई असली और नकली करमापा की जंग


तिब्बती धर्मगुरु करमापा उग्येन त्रिनले दोरजी के मठ से 7 करोड़ रुपये की विदेशी और भारतीय मुद्राएं बरामद होने के बाद असली और नकली करमापा की जंग एक बार फिर शुरू हो गई है। वास्तविक करमापा होने का दावा करने वाले दोनों करमापाओं का यह विवाद दरअसल स्वयं को करमा काग्यू पंथ का उत्तराधिकारी साबित करने के लिए है। तिब्बती धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक करमापा लामा करमा काग्यू पंथ के प्रमुख होते हैं। तिब्बती बौद्ध समुदाय में करमा काग्यू जैसे चार पंथ हैं। करमा काग्यू पंथ के पास अनुमानित 1.3 अरब डॉलर की संपत्ति है। दलाई लामा और चीन की सरकार दोनों ने ही उग्येन त्रिनले दोरजी को 17वें करमापा लामा के रूप में मान्यता दी है लेकिन उनके प्रतिस्पर्धी समूह का मानना है कि त्रिनले थाये दोरजी 17वें करमापा हैं, वह कई बार दिल्ली आ चुके हैं। पिछले साल इस विवाद को खत्म करने की कोशिश हुई थी जब त्रिनले थाये दोरजी के संरक्षक दलाई लामा से मिलने धर्मशाला आए थे। त्रिनले थाये दोरजी के संरक्षक शामार रिनपोचे ने आधिकारिक वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा, मैं 13 अगस्त 2010 को धर्मशाला में पवित्र दलाई लामा से मिला। मौजूदा करमापा विवाद और इसके संभावित समाधान को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक हमारी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, यद्यपि इस मसले का आसानी से समाधान संभव नहीं है क्योंकि यह चीन और भारत की राजनीति से भी जुड़ा है। दलाई लामा के आशीर्वाद और सहयोग के चलते मुझे विश्वास है कि इसका उचित समाधान हो जाएगा। करमापा की मान्यता का विवाद वर्ष 1981 में 16वें करमापा की मृत्यु के बाद से ही बना हुआ है। प्रमुख संत ताई सितू रिनपोचे, शामार रिनपोचे और गिलसाब रिनपोचे ने नए उत्तराधिकारी की खोज शुरू की थी। ताई सितू रिनपोचे ने उग्येन त्रिनले दोरजी और शामार रिनपोचे ने थाये दोरजी को उत्तराधिकारी मानने का प्रस्ताव दिया था। तीसरे संत ने इन दोनों के नामों पर सहमति नहीं जताई थी। इसके बाद उग्येन त्रिनले दोरजी और त्रिनले थाये दोरजी 17वें करमापा के रूप भारत में स्वतंत्र रूप से काम कर रहे हैं। उग्येन त्रिनले दोरजी मठ के एक अधिकारी ने कहा, नया विवाद शुरू होने से त्रिनले थाये दोरजी के समर्थकों को प्रतिस्पर्धियों पर दबाव बनाने का मौका मिल गया है। उन्होंने कहा कि लामा द्वारा समर्थित त्रिनले थाये दोरजी जल्द ही स्वयं को वास्तविक करमापा घोषित किए जाने की मांग के लिए दलाई लामा से मिल सकते हैं.

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