Monday, February 14, 2011

सेना ने संविधान निलंबित कर संसद को भंग किया


होस्नी मुबारक से सत्ता की बागडोर संभालने वाली सेना ने रविवार को मिस्र की संसद भंग कर संविधान को निलंबित कर दिया। सेना ने जनता से छह महीने के भीतर चुनाव कराने का वादा भी किया। मिस्र में रविवार को सेना, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहीं-कहीं झड़प के अलावा आमतौर पर माहौल सामान्य रहा। राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के सत्ता छोड़ने के बाद राजधानी के तहरीर चौक पर इकट्ठा लोग अब अपने घरों को लौट रहे हैं। सेना और पुलिस मिल कर स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयासों में लग गए हैं। हालांकि पुलिस के कई अफसरों ने रविवार को अपना वेतन बढ़ाए जाने को लेकर तहरीर चौक पर नारेबाजी की। इस चौक को खाली करने का काम शुरू हो गया है। वहां 25 जनवरी से प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए टैन्टों को रविवार को हटाया गया। इसके बाद चौक और उसके जुड़े रास्तों पर यातायात देखा गया। वैसे कुछ लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी इस मांग पर अड़े हैं कि जब तक देश में इमरजेंसी शासन खत्म करने तथा उनकी मांगें मानने की घोषणा नहीं की जाती, वे तहरीर चौक पर डटे रहेंगे। इस पर सेना ने उन्हें सड़कों को खाली कर किनारे हो कर प्रदर्शन करने को कहा। एक सैन्य अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि हमें ऊपर से आदेश हैं कि किसी भी प्रकार से प्रदर्शनकारियों से न उलझें। उनके खिलाफ ताकत का इस्तेमाल न करें क्योंकि किसी को नहीं मालूम कि कब परिस्थितियां बिगड़ जाएं? फायरिंग पर तो सख्त रोक लगा दी गई है।

झड़प हुई, गोली चली : रविवार को तड़के सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच तहरीर चौक पर झड़प की खबर भी आई। इस बीच एक गोली भी चली। प्रदर्शकारी जब सेना द्वारा तहरीर चौक को खाली कराने के प्रयास कर रहे थे, तब यह घटना हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सेना ने 30 लोगों को गिरफ्तार किया है और उन्हें इजिप्ट म्यूजियम के पास सेना के इलाके में रखा गया है। सेना ने इसके जवाब में कोई टिप्पणी नहीं की है।

ब्रिटेन में मुबारक की संपत्ति जब्त करने की तैयारी : मिस्र के राष्ट्रपति पद से होस्नी मुबारक के इस्तीफे के बाद अब विदेश में भी उनकी और उनके परिवार की संपत्तियां जब्त होना शुरू हो गई हैं। स्विट्जरलैंड द्वारा यह पहल करने के बाद अब ब्रिटेन ने भी अपने यहां मुबारक और उनके परिवार की संपत्ति की जांच शुरू कर दी है। ब्रिटिश अखबार, संडे टाइम्स के अनुसार, जानकारों का कहना है कि मुबारक के परिवार का खजाना कम से कम डेढ़ अरब पौंड (करीब 109 अरब रुपये) का है। समझा जाता है कि इसे ब्रिटिश और स्विस बैंक में छिपाने के अलावा लंदन, न्यूयॉर्क एवं लॉस एंजिलिस की संपत्तियों में निवेश किया गया है। अखबार ने एक विशेषज्ञ के हवाले से कहा कि ब्रिटेन में मुबारक की संपत्ति को जब्त करने के लिए अदालत में याचिका दाखिल करने की तैयारी चल रही है। सीरियस फ्रॉड ऑफिस ब्रिटेन में मुबारक परिवार की यहां छिपाई गई लाखों पौंड की संपत्ति की जांच कर रहा है। इनका कुछ हिस्सा पश्चिमी लंदन के बेलग्राविया की प्राइवेट इक्विटी कंपनी में निवेश किया गया है। इसके साथ मुबारक के दो बेटे गमाल और अला जुड़े हैं।

मुबारक के जाते ही बदल गया सरकारी मीडिया का स्वर भी : होस्नी मुबारक के सत्ता छोड़ कर जाते ही मिस्र के सरकारी और सरकार समर्थक मीडिया का अंदाज बदल गया है। जो मीडिया कभी मुबारक की तारीफ करते नहीं थकता था, वह उनके जाने की खुशियां मना रहा है और अपने को जनता के प्रति समर्पित बता रहा है। सरकारी टेलीविजन ने तो यहां तक कहा है कि वह भविष्य में अपनी रिपोर्टिग में सच्चा रहेगा। उल्लेखनीय है कि मुबारक समर्थक अखबार 18 दिनों तक सरकार विरोधी प्रदर्शन को कुछ दंगाइयों द्वारा किया जा रहा हंगामा बता रहे थे। वहीं, सरकारी चैनल अल-नील टीवी, इन दिनों में नील नदी और उसके आस-पास की खूबसूरती का प्रसारण कर रहा था। लेकिन शुक्रवार को मुबारक के सत्ता छोड़ते ही शनिवार से सब कुछ बदल गया। मुबारक के महल के बाहर खड़े हो कर सरकारी चैनल के संवाददाता ने कहा, मिस्रवासी आज आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। वहीं सरकार द्वारा प्रकाशित दैनिक अल-गोमोरिया ने सत्ता में पारदर्शिता की मांग की और कहा कि पुराने शार्को ने मिस्र को चूसने में कोई कसर नहीं बाकी रखी है।

पूर्व प्रधानमंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों के मिस्त्र छोड़ने पर रोक : मिस्त्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के पद त्यागने के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री अहमद नाजिफ और अन्य प्रमुख अधिकारियों के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। विदेश यात्रा पर यह रोक पूर्व गृहमंत्री हबीब अल अदली, सूचना मंत्री अनस अल फेक्की और पर्यटन मंत्री जाहर गराना सहित पूर्व मत्रिमंडल के अन्य सदस्यों पर भी लगाई गई है। मिस्र के प्रशासन ने इस्पात क्षेत्र के उद्योगपति व सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के सदस्य अहमद एज पर भी विदेश यात्रा करने पर रोक लगाई है। होस्नी मुबारक के खिलाफ जनआंदोलन के चलते जनवरी के अंत में मंत्रिमंडल सदस्यों से इस्तीफा लिया गया था।


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