अमेरिका ने अब मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक का साथ पूरी तरह से छोड़ दिया है। शनिवार को विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका तत्काल बदलाव का पक्षधर है और मुबारक के स्थान पर उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान को बिठाने का समर्थन करता है। जर्मनी में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिलेरी ने कहा, हम उमर सुलेमान को मिस्र की सत्ता सौंपने का समर्थन करते हैं। सुलेमान को विपक्ष के नेताओं के साथ सहमति बनाकर सितंबर में चुनाव कराने की तैयारी करनी चाहिए। महत्वपूर्ण बात यह है कि मिस्र की सत्ता पर अमेरिकी पकड़ बेहद मजबूत है। बहरहाल, एक दिन पहले शुक्रवार को द न्यूयॉर्क टाइम्स ने खबर दी थी कि मुश्किलों से घिरे हुस्नी मुबारक को अमेरिकी सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि वह सुलेमान को सत्ता सौंप दें। ओबामा प्रशासन ने इस बाबत मिस्र के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ वार्ता भी की है। हालांकि इसके बाद आई खबरों के अनुसार होस्नी मुबारक ने अमेरिकी प्रस्ताव ठुकरा दिया था। बहरहाल अमेरिका ने शनिवार को अपना रुख सार्वजनिक सुलेमान की पीठ पर खुलकर हाथ रख दिया। दूसरी ओर मुबारक ने शनिवार को सत्ता छोड़ने या नहीं छोड़ने से संबंधित बयान नहीं दिया। अलबत्ता उन्होंने राष्ट्रपति भवन में आर्थिक मामलों के मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के प्रमुख से मुलाकात की। सरकारी मीडिया के मुताबिक मुबारक ने नवनियुक्त वित्त मंत्री समीर रदवान और केंद्रीय बैंक के गवर्नर फारुक अल-ओक्दा के साथ तेल, व्यापार व सामाजिक सुरक्षा मामलों के मंत्रियों से मुलाकात की। सत्ता हस्तांतरण पर बंटा हुआ दिख रहा मिस्र का विपक्ष काइरो : मिस्र के उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान ने शनिवार को प्रमुख विपक्षी दल मुस्लिम ब्रदरहुड और अन्य पार्टियों के नेताओं के साथ वार्ता की। राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के खिलाफ चल रहे संघर्ष के दौर में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सुलेमान ने विपक्षी दलों से वार्ता की मेज पर आने अपील की थी, जिससे कि संविधान में प्रमुख संशोधन कर आगे रणनीति पर कार्य किया जा सके। हालांकि खबर लिखे जाने तक बैठक जारी थी, लेकिन सूत्रों के हवाले से बताया गया कि सत्ता हस्तांतरण के लिए सुलेमान ने जो प्रस्ताव विपक्षी दलों के समक्ष रखा, उसे लेकर वे बंटे हुए नजर आए।
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