Wednesday, February 9, 2011

अमेरिका-पाकिस्तान के रिश्तों में आई खटास


जरदारीकी यात्रा कार्यक्रम को वाशिंगटन ने नहीं दी हरी झंडी
वाशिंगटन। अमेरिकी राजनयिक की पाकिस्तान में गिरफ्तारी से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ऐसा पहली बार है जब अमेरिका ने पाकिस्तान पर अपने राजनयिक रेमंड एलन डेविस की रिहाई का दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से इसलामाबादसाथ होने वाली अपनी सभी उच्च स्तरीय वार्ताएं स्थगित कर दी हैं। इतना ही नहीं अमेरिका के बार-बार राजनयिक की रिहाई की अपील की अनसुनी से खफा ओबामा प्रशासन पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की अगले माह प्रस्तावित यात्रा को भी मंजूरी नहीं दे रहा है।
जरदारी को मार्च में अमेरिका-पाकिस्तानकी सामरिक वार्ता के अगले दौर की बैठक में हिस्सा लेने वाशिंगटन आना था। इसके पहले पिछले सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरीक्लिंटन ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ म्यूनिख में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलनके दौरान प्रस्तावित बैठक भी रद्द कर दी थी। समाचार पत्र द वाशिंगटन पोस्टके मुताबिक अमेरिकी और पाकिस्तानी अधिकारियों ने द्विपक्षीय उच्च स्तरीय वार्ताएं स्थगित किएजाने की पुष्टि की है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच तनाव के चलते वाशिंगटन में 24फरवरी को प्रस्तावित अमेरिका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नेताओं की बैठक भी खतरे में पड़ गई है। पाकिस्तान अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिका का अहम सहयोगी रहा है। दोनों देशों के बीच यह राजनयिक विवाद पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा हर वर्ष दी जाने वाली 1.5अरब डॉलर की सहायता पर भी असर डाल सकता है। दोनों देशों के अधिकारियों ने हालांकि आधिकारिक रूप से इस मसले पर कोई बयान देने से इनकार किया है लेकिन उन्होंने बताया कि एलन की गिरफ्तारी पर विरोध जताने के लिएपिछले सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरीक्लिंटन ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ म्यूनिख में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन के दौरान प्रस्तावित बैठक रद्द कर दी थी। अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तानी राजदूत हुसैन हक्कानीको दो बार व्हाइटहाउस बुलाकर राजनयिक कानून के तहत जल्द रिहाई की मांग की थी। इसके अलावा इसलामाबादमें अमेरिकी राजदूत कैमरनहंटर ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से अपनी भेंट में भी अमेरिका का संदेश पहुंचाया था। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि डेविस (36)एक राजनयिक पासपोर्ट धारक हैं और वह पाक स्थित अमेरिकी दूतावास के तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारियों में से एक हैं। इस लिहाज से विएना कन्वेंशन के अनुसार वह पूर्ण आपराधिक प्रतिरक्षा के अधिकारी हैं।
विदेश विभाग ने अपने बयान में कहा कि ओबामा प्रशासन एवं कांग्रेस ने बार-बार स्पष्ट किया है कि पाक सरकार को इस मामले को सुलझा लेना चाहिए, अन्यथा इसका अन्य द्विपक्षीय मामलों पर असर पड़ सकता है। डेविस को जनवरी में लाहौर में गिरफ्तार किया था। उच्च न्यायालय ने उसे आठ दिन की हिरासत में भेज दिया था। अमेरिकी दूतावास का कहना है कि डेविड मामले में सुनवाई के लिएकोई नोटिस नहीं दिया गया और सुनवाई के वक्त कोई अटार्नी भी मौजूद नहीं था। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि डेविड को हिरासत में रखना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
एजेंसी
वाशिंगटन पोस्ट ने पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि इसलामाबादडेविड के मामले में बंटा हुआ है। विदेश मंत्रालय डेविड को राजनयिक क्षमादान के तहत रिहा करने के पक्ष में है, जबकि सरकार के अन्य मंत्रालय इस मसले को वाशिंगटन से अलग अपनी स्वतंत्र नीति प्रमाणित करने का जरिया बना रहे हैं। वाशिंगटन में एक राजनयिक सूत्र ने कहा कि पाकिस्तान डेविस को राजनयिक प्रतिरक्षा जारी करने और उन्हें वापस अमेरिका भेजने के लिएसैद्धांतिक रूप से सहमत है। लेकिन पाकिस्तान सरकार, खासतौर से एक पीड़ित की विधवा द्वारा रविवार को आत्महत्या किएजाने के बाद राजनीतिक नतीजों को लेकर डरी हुई है।
वाशिंगटन पोस्टके मुताबिक एक पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी ने कहा कि स्थिति जटिल है, क्योंकि डेविस ने जिन दो व्यक्तियों को मारा है, वे हथियारबंद लुटेरे नहीं थे, बल्कि उनका पीछा करने के लिएतैनात किएगए खुफिया एजेंट थे। अधिकारी ने कहा कि दोनों व्यक्तियों ने डेविस को इसलिएधमकाया था, क्योंकि डेविस एक रेड लाइनलांघ गएथे लेकिन अधिकारी ने रेड लाइनकी व्याख्या नहीं की। दूसरी ओर राजनयिक रेमंड एलन डेविस ने स्वीकार किया है कि 27जनवरी को जब वह लाहौर में सड़क पर अपने वाहन से जा रहे थे, तब मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों द्वारा उन्हें धमकाए जाने पर उन्होंने गोली चलाई थी।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पीजेक्राउलेने कहा कि विदेश मंत्री हिलेरीक्लिंटन ने गत सप्ताह पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ फोन पर हुई वार्ता में और म्यूनिख में पाक सेना प्रमुख अशफाक परवेज कयानीके साथ अपनी मुलाकात में यह मामला उठाया था। क्राउलेने कहा कि हम लगातार प्रमुखता से इस मसले को हल करने की कोशिश कर रहे हैं।

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