जनांदोलन और भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव में मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक झुकते दिख रहे हैं। शनिवार को राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के बेटे गमाल समेत सत्तारूढ़ पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। मुबारक के भी पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने की खबर है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। उदारवादी धड़े के नेता होशाम बदरावी को पार्टी का नया महासचिव बनाकर लोकतंत्र समर्थकों का गुस्सा ठंडा करने की कोशिश की गई है। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इस कवायद को धोखा बताते हुए साफ कर दिया है कि उन्हें राष्ट्रपति के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
सरकारी टीवी के मुताबिक सत्तारूढ़ पार्टी के महासचिव सफावत अल शरीफ समेत सभी शीर्ष पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। पार्टी की छह सदस्यीय केंद्रीय समिति को हटाकर उसकी जगह नई समिति गठित कर दी गई। यह समिति निर्णय लेने वाली पार्टी की सर्वोच्च संस्था है। वहीं, अल अरबिया टेलीविजन ने दावा किया कि मुबारक ने भी पार्टी प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के एक नेता ने चैनल की इस रिपोर्ट की तो पुष्टि नहीं की लेकिन कहा कि मुबारक ने यदि पार्टी प्रमुख पद छोड़ भी दिया है तब भी उनके राष्ट्रपति बने रहने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, विरोध प्रदर्शनों से बेपरवाह मुबारक ने अपने आवास पर नई कैबिनेट के साथ बैठक की और आंदोलन से डगमगाई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के बारे में विचार विमर्श किया। बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि राष्ट्रपति का उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान को सत्ता सौंपने का कोई इरादा नहीं है।
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