अपनी पत्िनयों को छोड़ने वाले एनआरआइ पतियों के पासपोर्ट जब्द हो सकते हैं। पंजाब में इस तरह के मामले में बहुतायत में आने के बाद जालंधर पासपोर्ट कार्यालय ने इस तरह की पहल की है। एनआरआइ पतियों की छोड़ी गई महिलाओं की मदद को जिले के पासपोर्ट अधिकारी (पीओ) प्रणीत सिंह ने अपने यहां महिला शिकायत शाखा स्थापित की है। यह देश में अपनी तरह की ऐसी पहली शाखा है। राष्ट्रीय महिला आयोग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश की 30 हजार में 15 हजार महिलाएं केवल पंजाब के दोआबा क्षेत्र की हैं, जिनको उनके एनआरआइ पति छोड़ चुके हैं। इस सूची में जालंधर पहले और होशियारपुर दूसरे स्थान पर है। प्रणीत सिंह के अनुसार, इस समस्या को पासपोर्ट कानून, 1967 के भाग 10 (3) के तहत सुलझाया जा सकता है। पासपोर्ट प्राधिकरण जनहित में किसी भी व्यक्ति का पासपोर्ट जब्त कर सकता है। मालूम हो कि 2.5 करोड़ प्रवासी भारतीयों (एनआरआइ) में 70 लाख पंजाबी हैं। प्रणीत ने बताया कि एनआरआइ दूल्हे यहां आकर शादियां करते हैं और फिर अपनी पत्नी को छोड़कर विदेश भाग जाते हैं। इसमें युवतियों व उनके अभिभावकों भी जिम्मेदार हैं जो बिना परखे एनआरआइ लड़के ढूंढते हैं। हालांकि कुछ संगठन इन मामलों को उठाते रहे हैं, मगर अब तक इस समस्या का कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है। अक्सर एनआरआइ लड़के शादी के बाद विदेश जाते हैं और लड़कियों के लिए उन्हें विदेश में ढूंढना व सजा दिलाना मुश्किल हो जाता है। बकौल प्रणीत सिंह, पासपोर्ट कानून,1967 के भाग 10 (3) के तहत जनहित में पासपोर्ट जब्त किया जा सकता है। पीडि़त लड़की को दूल्हे के खिलाफ शिकायत के समर्थन में विवाह प्रमाणपत्र, प्राथमिकी की प्रति, पति के ब्योरे आदि से संबंधित दस्तावेज जमा कराने होंगे। वैसे पीडि़त लड़की यदि पति और ससुर के नाम व पति की जन्मतिथि भी बता दे तो पासपोर्ट कार्यालय आरोपी के पासपोर्ट का ब्योरा ढूंढ लेगा। पासपोर्ट प्राधिकरण दस्तावेजों की जांच कर आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा और फिर उसका पासपोर्ट जब्त करेगा। इससे आरोपी विदेश नहीं भाग सकेगा और एयरपोर्ट पहुंचते ही उसका पासपोर्ट जब्त हो जाएगा। यदि वह किसी तरह विदेश भाग भी गया तो किसी सेवा के लिए संबंधित देश में भारतीय दूतावास से संपर्क करते ही उसे वापस भारत भेज दिया जाएगा। जब वह अपना वैवाहिक विवाद सुलझा लेगा तब उसको पासपोर्ट वापस मिलेगा। उन्होंने बताया कि वह पंजाब सरकार के समक्ष यह सुझाव रखेंगे कि शादी के पंजीकरण के समय दूल्हे के पासपोर्ट की प्रति, उसका विदेश में सामाजिक सुरक्षा नंबर, विदेश में स्थायी पता, संपर्क नंबर और वैवाहिक स्थिति का शपथ पत्र आदि मांगे जाएं। तय अवधि में अपने पति या पत्नी का नाम पासपोर्ट में शामिल करने को नियम बनाया जाए और ऐसा नहीं होने पर पासपोर्ट जब्त किया जाए। उन्होंने बताया कि अमृतसर के क्षेत्रीय विदेश पंजीकरण कार्यालय के समक्ष भी पासपोर्ट में जीवन साथी का नाम शामिल करने का मुद्दा उठाया जाएगा, क्योंकि 60-70 प्रतिशत पंजाबी अमृतसर एयरपोर्ट से विदेश जाते हैं। पासपोर्ट कार्यालय जालंधर पासपोर्ट जमा कराने के अगले ही दिन जीवन साथी का नाम शामिल कर पासपोर्ट वापस कर देगा। यदि किसी महिला को परेशानी है तो वह शिकायत शाखा को फोन (84274-71823) पर संपर्क कर सकता है।
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