Sunday, February 20, 2011

चीन से चेतिए


पहले चीन की धमकी आई और अब रक्षामंत्री एके एंटोनी की चिंता सामने आ रही है जिसमें इस विशालकाय पड़ोसी देश की सैन्य तैयारियों पर आशंका जाहिर की गई है। आर्थिक महाशक्ति बनने की तैयारी में जुटा चीन अपनी नई संपदा का बड़ा हिस्सा दिखाकर और चोरी छिपे भी अपनी सामरिक ताकत बढ़ाने में लगा है। यह कोई रहस्य नहीं है और केवल भारत ही नहीं अमेरिका और जापान सहित दुनिया के तमाम देशों की धड़कनें भी इससे बढ़ती जा रही हैं। जापान को पछाड़ कर चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बन चुका है और उसकी नजर अब इकलौती महाशक्ति अमेरिका पर है। भारत उसका स्वाभाविक प्रतिस्पद्र्धी है और चीन के बाद दूसरी उभरती आर्थिक व्यवस्था के रूप में उसका नाम है। लेकिन चीन की नजर में यह धृष्टता है जिसे रोकने के लिए वह हरसंभव हथकंडे आजमाता रहता है। पाकिस्तान की भारत विरोधी हरकतें चीन की शह पर होती हैं और रित में उसने अधिकृत कश्मीर के बड़े इलाके चीन के हवाले कर दिए हैं। इसके अलावा भारत के उत्तर- पूर्व इलाकों में अराजकता फैलाने के लिए बागियों को हथियार सहित तमाम मदद भी चीन से होती आ रही है। चीन न केवल भारतीय इलाकों में घुसपैठ की घटनाएं बढ़ाता जा रहा है बल्कि अरुणाचल प्रदेश जैसी जगहों पर भी दावा ठोकता आया है। भारत की तरह चीन के कई पड़ोसी देश जैसे जापान, विएतनाम, दक्षिण कोरिया, फिलीपींस और इंडोनेशिया आशंका में डूब गए हैं क्योंकि नयी ताकत के मद में यह हर किसी से पंगा लेने को तैयार दिख रहा है। चीन की यही आक्रामकता वहां के सरकारी मीडिया में दिखी है जिसमें उसने खुलेआम इन देशों के नाम लेकर उन्हें युद्ध की धमकी दी है। ताकत और संपदा का मालिक बन जाने के बाद भी इससे चीन की कुंठा और उसका असुरक्षाबोध इन धमकियों में दिख जाता है। चीन को सबसे बड़ा डर इस बात का है कि ये सभी देश अमेरिका के नेतृत्व में उसके खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। अरब की खाड़ी और हिंद महासागर में इन देशों का अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास के खेल खेलना उसकी रातों की नींद उड़ा रहा है। अनिद्रा से उपजी इस कुंठा के कारण पिछले दिनों दुनिया को एटोमिक हमले तक की धमकी दे दी थी। पहले इस्तेमाल नहीं की नीति से हट कर चीन ने कह दिया है कि वह एटोमिक ताकत का इस्तेमाल दुश्मनों को धराशायी करने के लिए कभी भी करने का विकल्प अपने पास रखेगा। लेकिन, चीन की ये धमकियां तमाम देशों को और तेजी के साथ अमेरिका के साथ जोड़ती जा रही हैं। जापान फिर भारत और अमेरिका के साथ बड़े युद्धाभ्यास की तैयारी में लग गया है तो अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्ंिलटन दोनों देशों की संयुक्त सामरिक नीति की बैठक करने दिल्ली आ रही हैं। भारत के लिए खास चिंता का विषय है कि उसकी अनेक बड़ी नदियां तिब्बत से निकलती हैं और चीन इन पर बांध बना कर जल प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। इसलिए जरूरत है कि इस मसले पर चीन से संधि करने के लिए उस पर दबाव डाला जाना चाहिए।

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