Thursday, February 3, 2011

जमीन खरीदने की थी करमापा की योजना


हिमाचल और तराई इलाकों में सैकड़ोएकड़ जमीन पर तिब्बतियोंको बसाने की थी योजना
खुफिया एजेंसी के मुताबिक पैसे हवाला के जरिये भी आये, हांगकांग से रुटकिये जाते थे पैसे
मठों की गतिविधियों पर सालों से नजर थी खुफिया एजेंसियों की


करमापाउग्येनत्रिनलेदोरजेकी देखरेख वाले ट्रस्ट से 27जनवरी को बरामद सात करोड़ रुपये कांगड़ा में करीब 5एकड़ जमीन खरीदने के लिये इकट्ठा किये गये थे। करमापापिछले दिनों हुई जांच और खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक करमापाका मठ प्रबंधन लद्दाख में करीब 10एकड़ और हिमाचल के अलग अलग जगहों पर 50से 100एकड़ जमीन खरीदने की योजना में था। इसका उद्ेश्यइन जगहों पर मठ या ठिकाना बना कर तिब्बतियोंको बसाना था। इसके लिये प्रबंधन ने हिमाचल के तराई इलाकों को भी चुना था। सूत्र के मुताबिक यह काम चीन के खुफिया विभाग की पहल पर किया जा रहा था। विभाग को अबतक 400बेनामी संपत्तिके कागजात हाथ लगे हैं।
खुफिया जानकारी के मुताबिक यहां हवाला के जरिये भी पैसे की आवाजाही होती थी। यह पैसा चीन से चल कर हांगकांग से जरिये धर्मशाला तक पहुंचता था। मामले की बड़े पैमाने पर जांच के लिये केंद्रीय वित्तमंत्रालय की खुफिया विभाग और प्रवर्तन निदेशालय भी जांच में जुटी है।
दरअसल देश का आंतरिक और बाहरी खुफिया विभाग दोरजेऔर उनके मठ की गतिविधियों पर महीनों से नजर रख रहा था। इसी दौरान उन्हें चीन से बातचीत के कई इंटरसेप्टऔर मठों में चीनी नागरिक सहित अमेरिकी और ब्रिटेन के नागरिकों की लुकछुपकर आने जाने का पता चला। उस इलाके में मामले की धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुएखुफिया विभाग सही मौके की तलाश में था। जब एजेंसी को वहां हो रहे भारी रकम की आवाजाही का सुराग मिला तो उन्होंने सरकार और हिमाचल प्रदेश पुलिस को अगाह किया। पुलिस की रेड के बाद सभी एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।


No comments:

Post a Comment