Thursday, February 3, 2011

मुबारक का साथ छोड़ने पर इजराइल अमेरिका से खफा


मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी से मुंह फेरने पर इजराइल ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की है। द येरूशलम पोस्ट के अनुसार इजराइल के मंत्री अयूब कारा ने अमेरिका के पूर्व गवर्नर माइक हकाबी से कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा को यह समझने की जरूरत है कि मिस्र में विद्रोह कर रही जनता का समर्थन करना, उस मुस्लिम समुदाय का समर्थन करने जैसा है, जो मुबारक का स्थान ले सकता है। मुबारक पश्चिम एशिया में अमेरिका के सबसे भरोसेमंद साथी हैं, इसलिए उन्हें मझधार में छोड़ना ठीक नहीं है। इजराइल में सत्तारूढ़ लिक्विड पार्टी से ताल्लुक रखने वाले कारा ने कहा कि वह इस बात से बेहद निराश हैं। उन्होंने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि अगर मिस्र की सरकार गिर जाती है तो कट्टरपंथी मुस्लिम सत्ता में आ जाएंगे और इससे न सिर्फ पश्चिम एशिया, बल्कि पूरे विश्व के लिए समस्याएं और बदतर हो जाएंगी। कारा ने कहा कि यह साफ है कि ओबामा पश्चिम एशिया में लोकतंत्र चाहते हैं। जो कोई दूरदृष्टि रखता है वह यह समझता है कि मुबारक का कोई महत्वपूर्ण विकल्प नहीं है और जो लोग विद्रोह के लिए जनता को उकसा रहे हैं-वे मुस्लिम समुदाय से हैं। ध्यान रहे कि इजराइल के साथ हुस्नी मुबारक के बेहद करीबी रिश्ते रहे हैं। इजराइल-फलस्तीन वार्ता में मुबारक की महत्वपूर्ण भूमिका है। अगर मिस्र में उनकी सरकार जाती है तो इजराइल के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
मिस्र ने आखिरी इंटरनेट लिंक पर भी पाबंदी लगाई
मिस्र में काम कर रही अंतिम इंटरनेट सेवा प्रदाता लाइन नूर समूह भी आज से बंद हो गई। अमेरिकी वेब मॉनिटरिंग कंपनी का कहना है कि इसकी सेवा बंद होने के साथ ही प्रदर्शनों से गुजर रहा मिस्र इंटरनेट की दुनिया से कट गया। न्यू हेमिसफियर की इंटरनेट मॉनिटरिंग कंपनी रेनेसां का कहना है कि नूर समूह का नेटवर्क करीब 8 बजकर 46 मिनट से बंद होना शुरू हो गया था। रेनेसां की उपाध्यक्ष और जनरल मैनेजर अर्ल जेमीजवस्की ने ब्लॉग में लिखा, नूर समूह की इंटरनेट सेवा फिलहाल पूरी तरह बंद है। मिस्र के नूर डॉट कॉम सहित तमाम वेबसाइट को खोलने की कोशिश की मगर उनमें से कोई भी लिंक नहीं मिला। मिस्र में चार मुख्य इंटरनेट सेवा प्रदाता हैं - लिंक इजिप्ट, वोडाफोन-राया, टेलिकॉम ईजिप्ट और एस्टिसलात मिस्र। इन सभी ने ग्राहकों के लिए सेवाएं गुरुवार को ही ही बंद कर दी थीं। इन चारों के बंद होने के बाद नूर समूह ही इकलौता सेवा प्रदाता था।

गूगल ने मिस्र के लोगों को सोशल साइटों से जोड़ा
मिस्र में जनविद्रोह के बाद इंटरनेट पर लगी पाबंदी के चलते सोशल नेटवर्किंग साइटों से दूर हो चुके लोगों को दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने नायाब तोहफा दिया है। गूगल के इंजीनियरों ने खासतौर से मिस्र के लोगों के लिए ऐसी व्यवस्था की है, जिसके जरिए वे वॉयस मेल की ट्वीट कर सकेंगे। अल-अरबिया की अंग्रेजी वेबसाइट पर प्रकाशित समाचार के अनुसार सोशन साइटों पर संदेश छोड़ने के लिए लोगों को फोन नंबर डायल कर वॉयस मैसेज छोड़ना होगा। इसके बाद छोड़ा गया संदेश अपने ट्विटर पर चला जाएगा। गूगल ने अपनी वॉयस मेल सर्विस को उन्नत कर रहा है। इसी क्रम में उसने से नाओ का अधिग्रहण किया है। इस सेवा के जरिए सोशल नेटवर्किंग साइटों से जुड़े लोग संपर्क में रह सकते हैं। फेसबुक बढ़ाएगा कमेंट का दायरा ह्यूस्टन, एजेंसी : करोड़ों लोगों की पसंद बन चुका सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक जल्द ही उपयोगकर्ताओं के लिए थर्ड पार्टी कमेंटिंग सिस्टम लेकर आ रहा है। इससे फेसबुक पर कमेंट्स देना और पाना ज्यादा आसान और विस्तृत हो जाएगा। इस प्रणाली के जरिए फेसबुक को कई अन्य ब्लॉगों और साइटों से जोड़ा जाएगा, जिसके बाद फेसबुक कमेंट्स देने के लिए एक माध्यम का काम करेगा। कोई भी फेसबुक या ट्विटर के खाते से लॉगइन करके किसी को जो कमेंट्स देगा वे सारे आपस में जुडे़ हुए होंगे मतलब यह कि ये कमेंट्स, कमेंट करने वाले व्यक्ति के फेसबुक प्रोफाइल और अन्य साइटों पर भी दिखाई देंगे। फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा, हमारी वर्तमान कमेंट्स प्रणाली को सुधारने के लिए निर्माणकर्ताओं की तरफ से जो जानकारियां मिली हैं, उसके ऊपर हम काम कर रहे हैं। हम अभी इसे फेसबुक ब्लॉग और डेवलपर ब्लॉग पर चेक कर रहे हैं और फिलहाल इससे ज्यादा जानकारी हम उपलब्ध नहीं करा सकते हैं।


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