Wednesday, February 2, 2011

मिस्र में बगावत, कैबिनेट भंग


मिस्र में हिंसा की आग को ठंडा करने के लिए राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक की कोशिशें जारी हैं। अपने 30 वर्ष के शासनकाल में शनिवार को उन्होंने पहली बार उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की नियुक्ति की। इससे पहले मुबारक अपनी कैबिनेट को बर्खास्त कर दिया था, लेकिन लोग उनके इस्तीफे से कम किसी बात पर राजी नहीं हैं। वैसे, मुबारक ने पद से हटने से इनकार कर दिया है। पांच दिन से चल रहे आंदोलन के कारण देशभर में भड़की हिंसा के कारण अब तक 74 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 2000 लोग घायल हुए हैं।
लोगों के गुस्से को कम करने के लिए 82 वर्षीय मुबारक ने खुफिया विभाग के प्रमुख और अपने करीबी ओमार सुलेमान को उप राष्ट्रपति नियुक्त किया है। 75 साल के सुलेमान ने शनिवार को शपथ ली। इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति ने मौजूदा उड्डयन मामलों के मंत्री अहमद शफीक से नई सरकार गठित करने को कहा। एयर स्टाफ के पूर्व प्रमुख शफीक को मुबारक का उत्तराधिकारी माना जा रहा है। इससे पहले, मुबारक ने देर रात अपने संबोधन में लोगों से शांति की अपील करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार का वादा किया था, लेकिन देशभर में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। व्यवस्था संभाल रही पुलिस और सेना से इनकी झड़पें हुईं। हिंसा के चलते मिस्र के पिरामड को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित काहिरा, अलेक्सांद्रिया और सुएज में कर्फ्यू की अवधि को बढ़ाकर शाम 4 बजे से सुबह 8 बजे तक कर दिया गया है। इस बीच, शुक्रवार को रोकी गई मोबाइल सेवाओं को प्रशासन के आदेश के बाद आंशिक तौर पर बहाल कर दिया गया है।


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