Thursday, February 3, 2011

मिस्र की जनक्रांति ने बढ़ाई चीन की धड़कनें


पहले ट्यूनीसिया फिर यमन, मिस्र और जॉर्डन में तानाशाही विरोधी लहर ने चीन की कम्युनिस्ट सरकार की धड़कनें बढ़ा दी हैं। चीन ने ट्विटर के देशी संस्करण रेड माइक्रोब्लॉगिंग पर इजिप्ट/मिस्र को ब्लॉक कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय मिस्र के घटनाक्रम पर बयान तक देने से बच रहा है। सोशल नेटवर्किंग साइटों से भड़के जनविद्रोह को देखकर चीन इस कदर सकते में है कि उसने मिस्र में चले रहे प्रदर्शनों से संबंधित समाचार सीमित कर रखे हैं। हालांकि चीन ने ट्विटर, गूगल, यू-ट्यूब और फेसबुक पर पहले से ही प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन वहां अब भी करोड़ों लोग सोशल नेटवर्किंग साइटों का इस्तेमाल कर रहे हैं। चीन सरकार ने हाल ही में ट्विटर और गूगल के देशी संस्करण लांच किए। वर्षो से सत्ता पर काबिज चीन की कम्युनिस्ट पार्टी तिब्बत, यूघुर मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग और स्वायत्त हांगकांग-मकाउ में अलगाववादी गतिविधियों से परेशान है। 13 वर्ष की सजा काट रहे लिउ श्याओबो को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने के बाद से तो चीन की मुख्यभूमि पर भी विद्रोह के स्वर तेज होने लगे हैं। ऐसे में सोशल नेटवर्किंग साइटों से उसकी घबराहट लाजमी है।

ट्यूनीसिया में ट्विटर से हुई थी विद्रोह की शुरुआत

सिस्टम से नाराज ट्यूनीसिया के नागरिक मोहम्मद बउआजीजी ने इस महीने की शुरुआत में खुद को आग लगा ली। उसे एक युवक देख रहा था, जिसके एक हाथ में पत्थर और दूसरे में मोबाइल था। युवक ने ट्विटर पर मोहम्मद के बारे में जिक्र किया। मोहम्मद के परिजनों ने अल-जजीरा को बताया, उसके आग लगाने की खबर देखते ही देखते देशभर में फैल गई। मोहम्मद और उसके छोटे से शहर का नाम ग्लोबल हो गया। इसके बाद से ही सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने जोर पकड़ा और 23 वर्षो से सत्ता पर काबिज राष्ट्रपति जिने अल आबेदिन बेन अली को देश छोड़कर भागना पड़ा।

मिस्र में यू-ट्यूब पर वीडियो देखने के बाद बढ़े प्रदर्शन

ट्यूनीसिया में सत्ता परिवर्तन के बाद पश्चिम एशिया की विभिन्न समाचार वेबसाइटों और सोशल नेटवर्किंग साइटों पर लोगों ने पूछा-मिस्र और यमन जैसे देशों में जनक्रांति कब होगी? इसके बाद काहिरा और सना में प्रदर्शन हुए। काहिरा में एक अज्ञात प्रदर्शनकारी को गोली लगी, जिसका वीडियो यू-ट्यूब पर चला और वहां प्रदर्शनों का तूफान आ गया। मिस्र में लगभग 6 करोड़ लोग मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। सीएनएन के मुताबिक प्रदर्शनों के शुरुआती दिनों में सोशल नेटवर्किंग साइटों पर लाखों मिस्रवासी लगातार बने हुए थे। हालांकि जैसे ही प्रदर्शनों ने गति पकड़ी मिस्र सरकार ने इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी।

नेदा आगा की मौत के वीडियो से सुलग उठा था ईरान
ईरान में 2009 के राष्ट्रपति चुनावों में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नेदा आगा सुल्तान को गोली लगी। उस समय मौके पर मौजूद किसी प्रदर्शनकारी ने उसका वीडियो बनाया और यू-ट्यूब आदि सोशल नेटवर्किंग साइटों पर डाल दिया। नेदा की मौत के बाद लगातार दूसरी बार जीते राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के खिलाफ न केवल ईरान में बल्कि विदेशों में भी जोरदार रोष प्रदर्शन हुए और ईरान में सत्ता परिवर्तन होते-होते रह गया।


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