Thursday, February 3, 2011

एयरो इंडिया शो में चीन को न्योता नहीं


भारत में तेजी से फैलते नागरिक और सैन्य उड्डयन क्षेत्र में बड़ी हिस्सेदारी की आस अगले हफ्ते शुरू हो रहे एयरो इंडिया शो में तीस देश और साढ़े छह सौ से अधिक कंपनियां शिरकत करने जा रही हैं। बेंगलूर में 9 से 13 फरवरी तक आयोजित शो भारत में अब तक का सबसे बड़ा हवाई मेला बनने जा रहा है, लेकिन मेले में भारत के दोनों ही बड़े पड़ोसी नदारद होंगे। रिश्तों की कड़वाहट के कारण पाकिस्तान जहां आमंत्रित सूची से बाहर ही रहता है वहीं सैन्य रिश्तों में खटास के कारण इस बार चीन को भी न्योता नहीं दिया गया है। यहां तक कि चीनी पत्रकारों के लिए भी इस शो का कवरेज मुमकिन नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने शो के लिए चीन को आमंत्रण की तैयारी तो कर ली थी, लेकिन विदेश मंत्रालय ने कवायद पर ब्रेक लगा दिया। शो में चीन और पाकिस्तान के अलावा ईरान को भी नहीं बुलाया गया है। रक्षा उत्पादन सचिव आरके सिंह के मुताबिक हर दो साल में होने वाले इस एयरो शो में अबकी बार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी में 25 फीसदी का इजाफा हो रहा है। शो में अब तक 380 विदेशी और 295 भारतीय कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित हो चुकी है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक शो में 47 विदेशी विमान समेत 95 विमान भाग लेंगे। शो के तहत होने वाले फ्लाइट डिस्प्ले में ऑस्टि्रया की रैड बुल हवाई एक्रोबैटिक टीम भी भाग लेगी। शो में सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का है जिसमें 250 सदस्य हैं। इसके अलावा जर्मनी, रूस, स्वीडन समेत अनेक देशों ने भी बड़ा अमला लगाया है। बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इजराइल, इटली, ब्रिटेन, रूस और अमेरिका की भागीदारी इस बार कंट्री पैवेलियन के तौर पर होगी। इस साल संभावित 126 लड़ाकू विमान सौदे से पहले हो रहे एयरो इंडिया 2011 में अमेरिकी एफ-16, एफ-18, स्वीडन का ग्रिपिन 39सी, 39डी और साब 2000 और यूरोपीय यूरोफाइटर अपने करतब और ताकत दिखाएंगे। हालांकि आश्चर्यजनक रूप से अभी तक रूस के मिग कोर्पोरेशन ने अपनी भागीदारी की सूचना नहीं दी है। इस बारे में रक्षा उत्पादन सचिव का कहना था कि मास्को स्थित भारतीय दूतावास इस मामले पर रूसी सरकार और मिग कंपनी के साथ संपर्क में है। हालांकि रक्षा मंत्रालय के द्विवार्षिक एयरो इंडिया में इस बार 55 फीसदी हिस्सेदारी नागरिक क्षेत्र के विमानों की है। उल्लेखनीय है कि भारत में नागरिक विमानन के क्षेत्र में भी बीते दिनों खासी तेजी आई थी। इंडिगो एयर ने कुछ ही दिन पहले 180 विमानों का ऑर्डर दिया है।


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