Wednesday, January 26, 2011

सीआइए बनाम निजी अमेरिकी जासूसी नेटवर्क


पेंटागन की मंजूरी के बिना ही अफ-पाक में अभियान चला रहे ड्यूआन आर क्लेरिज
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने पिछले साल मई में जिस निजी जासूसी नेटवर्क को फंड न देने का एलान किया था, वह अब भी अफ-पाक क्षेत्र में मौजूद है। इसकी अगुआई ड्यूआन आर. क्लेरिज कर रहे हैं। क्लेरिज अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआइए) के पूर्व अधिकारी हैं। सूत्रों के मुताबिक क्लेरिज इस जासूसी नेटवर्क को खास मकसद के लिए चला रहे हैं। इससे अमेरिकी सरकार में अलग-अलग धड़ों की मौजूदगी का संकेत मिलता है। क्लेरिज का जासूसी नेटवर्क न केवल तालिबान बल्कि अफगानिस्तान के सत्ता गलियारों में दखल रखने वाले राजनेताओं पर भी नजर रख रहा है। इस प्रकार के निजी जासूसी नेटवर्क को सरकार की विदेश नीति के लिए बड़ा खतरा समझा जा रहा है। पूर्व खुफिया अधिकारी क्लेरिज के इस नेटवर्क को तत्काल खत्म कराने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इससे न केवल अमेरिकी विदेशी नीति प्रभावित हो सकती है बल्कि अफगानिस्तान में सैन्य अभियान को भी नुकसान पहुंच सकता है। अफ-पाक क्षेत्र में निजी जासूसी नेटवर्क का पिछले साल न्यूयॉर्क टाइम्स ने ही खुलासा किया था। मार्च में प्रकाशित उस रिपोर्ट में बताया गया था कि अमेरिकी रक्षा विभाग के अफसर माइकल डी फर्लाग ने अफ-पाक क्षेत्र में तालिबान आतंकियों का पता लगाने और उन्हें खत्म करने के लिए किराए के जासूसों का नेटवर्क खड़ा कर रखा है। ये जासूस न केवल आतंकियों के बारे में सूचना जुटा रहे थे बल्कि उनका काम तमाम करने का भी जिम्मा संभाल रहे हैं। फर्लाग ने ही क्लेरिज को अमेरिकी सैन्य अधिकारियों से मिलाया था। क्लेरिज सेन डियागो से निजी जासूसी नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। सवाल यह है कि अगर अमेरिकी सेना इस जासूसी नेटवर्क को नहीं चला रही है तो यह नेटवर्क किसके लिए कार्य कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सरकार में अलग-अलग धड़ों की मौजूदगी का पुख्ता प्रमाण है। साथ ही सीआइए के लिए चुनौती के समान है। यह कहानी ग्राहम ग्रीन के उस नोवेल की तरह लगती है, जिसका नाम स्पाई बनाम स्पाई है। पूर्व खुफिया अधिकारी चा‌र्ल्स ई एलन ने कहा, हमें निजी जासूसी नेटवर्क की जरूरत नहीं है। इससे न केवल देश को खतरा उत्पन्न होगा बल्कि स्वयं उन जासूसों की जान भी खतरे में पड़ सकती है, क्योंकि इस प्रकार के अभियानों के लिए कड़े प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने फर्लाग के कहने पर 2009 में क्लेरिज के साथ कॉन्ट्रेक्ट किया था। इस समय पेंटागन अधिकारी क्लेरिज के खिलाफ नियम विरुद्ध कार्य करने के मामले की जांच भी कर रहे हैं।



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