देश भर में सरकारी खर्चे से बनी सड़कों की खामियों को लेकर चौतरफा अलोचना झेल रही सरकार ने इन्हें दुरुस्त करने के लिए विदेशी मदद का रास्ता अख्तियार किया है। इसके लिए ब्रिटिश कंपनियों की सेवाएं ली जाएंगी। इस संबंध में मंगलवार को एक समझौता हुआ है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीनस्थ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और यूनाइटेड किंगडम ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट (यूकेटीआइ) ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर सड़क परिवहन मंत्री कमलनाथ ने कहा कि एनएचएआइ ने 55 हजार किलोमीटर लंबे राजमार्ग के विकास की योजना बनाई है। इसके तहत ब्रिटिश कंपनियां राजमार्गो की मरम्मत एवं रखरखाव का काम संभालेंगी। यह काम ओएमटी (आपरेट, मेंटेन एंड ट्रांसफर) आधार पर होगा। सरकार ने लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई सड़कों का रखरखाव बोली प्रक्रिया के जरिए ओएमटी आधार पर करने का फैसला किया है।
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