विदेशों में बसे भारतवंशियों से मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने पीआइओ (पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन) और ओआइसी (ओवरसीज इंडियन सिटीजन) कार्डो की व्यवस्था में तब्दीली का फैसला किया है। प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साफ किया कि सरकार दोनों कार्डो को एक कर वीजा व्यवस्था में भी सहूलियतें देगी। भारतवंशियों के सबसे बड़े सालाना समारोह प्रवासी भारतीय दिवस का औपचारिक उद्घाटन करते हुए पीएम ने कहा कि इन योजनाओं की हालिया समीक्षा के बाद सरकार ने इनमें सुधार का फैसला किया है। इसके तहत अब ओआइसी और पीआइओ कार्डो को मिलाकर एक ही कार्ड में तब्दील कर दिया जाएगा। साथ ही पीएम ने वीजा को लेकर प्रवासियों को होने वाली परेशानियां भी जल्द दूर करने का भरोसा दिलाया। उल्लेखनीय है कि पीआइओ और ओआइसी कार्ड धारकों को भारत यात्रा के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती, लेकिन प्रवासियों की शिकायत है कि यह कार्ड हासिल करने से पहले उनसे भारतीय पासपोर्ट जमा कराने की शर्त रखी जा रही है। इसके अलावा कार्ड के लिए 175 डॉलर की फीस को लेकर भी भारतीय मूल के लोगों ने कई शिकायतें दर्ज की थीं। विदेशों में भारत की सांस्कृतिक ताकत को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने अमेरिका, कनाडा, सऊदी अरब, फ्रांस, और ऑस्ट्रेलिया में भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना की भी घोषणा की। इसी कड़ी में प्रवासी मामलों के केंद्रीय मंत्री वायलार रवि ने बताया कि विदेशों में बसे भारतवंशियों की मदद के लिए सभी भारतीय मिशनों में इंडियन कम्यूनिटी वेलफेयर फंड की स्थापना की जाएगी। पूर्व में यह सुविधा कुछ ही देशों में थी। विदेशों में बसे भारतीयों से मताधिकार के वादे पर प्रधानमंत्री ने साफ किया कि इस संबंध में जनप्रतिनिधित्व कानून में जरूरी संशोधन के बाद चुनाव आयोग मतदाताओं के पंजीयन के तौरतरीकों पर काम कर रहा है। राजधानी में 7 से 9 जनवरी तक चलने वाले प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम में जोर पूर्वोत्तर राज्यों की संभावनाओं को पेश करने और विदेशों में बसे युवा भारतवंशियों के साथ संवाद मजबूत करने पर है। दुनिया के करीब 50 देशों से आए डेढ़ हजार प्रवासी भारतीयों के इस सम्मेलन में केंद्र सरकार के मंत्रियों ने भी रिश्तों की डोर मजबूत करने के उपायों की बानगी दी। इस कड़ी में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी, केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री कमलनाथ, मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल व पूर्वोत्तर विकास मामलों के मंत्री बीके हांडिक समेत कई मंत्रियों ने प्रवासी भारतीयों से संवाद किया। इस सिलसिले में कई सूबों के मुख्यमंत्रियों ने भी शिरकत की।
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