मिस्र में तीन दशक से जारी शासन के खिलाफ पिछले चार दिनों से जारी जन आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। इसके चलते देश में मोबाइल और इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई है। इस बीच विपक्ष के नेता और नोबल पुरस्कार विजेता मुहम्मद अल बरदेई भी स्वदेश लौटकर आंदोलन से जुड़ गए हैं। पुलिस को अल बरदेई और उनके समर्थकों समेत हजारों प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पानी की तेज धार बौछार करनी पड़ी। पुलिस ने अल बरदेई के कुछ समर्थकों को डंडों से पीटा, जो उनके इर्दगिर्द सुरक्षा घेरा बनाए थे। 82 वर्षीय राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के शासन के तीन दशक के शासन के खिलाफ मंगलवार से शुरू प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए राजधानी काहिरा में विशेष आपरेशन बल की तैनाती कर दी है। यह अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है। काहिरा में गीजा चौक पर एक मस्जिद के बाहर जमा प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने रबर की गोली और आंसू गैस के गोले छोड़े। टीवी चैनलों ने भी पुलिस और जनता के बीच झड़प को दिखाया। मिस्र के बंदरगाह शहर एलेक्सिेंड्रिया, मिन्या के अलावा अन्य शहरों में भी लोगों ने प्रदर्शन किया। हिंसक घटनाओं में अब तक सात लोग मारे जा चुके हैं जबकि एक हजार से अधिक गिरफ्तार किए गए हैं। राजधानी में रामसिस चौराहे पर भी हजारों प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई। मुबारक की सत्तारूढ़ नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ने स्थिति का आकलन करने के लिए बृहस्पतिवार को बैठक की और अल बरदेई से बातचीत की पेशकश भी की। इस बीच अधिकारियों ने सबसे बड़े विपक्षी दल मुस्लिम ब्रदरहुड के चार बड़े नेताओं समेत 350 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। मुस्लिम ब्रदरहुड ने गुरुवार को पहली बार सरकार विरोधी आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा करते हुए कहा था कि वे शुक्रवार की नमाज के बाद आंदोलन में शामिल हो जाएंगे। वियना से काहिरा पहंुचने के बाद अल बरदेई ने कहा, मिस्र के लिए यह काफी मुश्किल की घड़ी है और मैं लोगों का सहयोग करने के लिए यहां आया हूं। उन्होंने कहा, हमारे देश में सरकार आम आदमी की पहंुच से दूर हो चुकी है। बदलाव की प्रक्रिया के लिए हम अब भी सरकार से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। मिस्र का हर आदमी देश को हिंसा की तरफ बढ़ते नहीं देखना चाहता। इससे पहले उन्होंने वियाना में कहा था कि जरूरत पड़ने पर वो मिस्र में परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
Sunday, January 30, 2011
मिस्र में जनविद्रोह ने और जोर पकड़ा
मिस्र में तीन दशक से जारी शासन के खिलाफ पिछले चार दिनों से जारी जन आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। इसके चलते देश में मोबाइल और इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई है। इस बीच विपक्ष के नेता और नोबल पुरस्कार विजेता मुहम्मद अल बरदेई भी स्वदेश लौटकर आंदोलन से जुड़ गए हैं। पुलिस को अल बरदेई और उनके समर्थकों समेत हजारों प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पानी की तेज धार बौछार करनी पड़ी। पुलिस ने अल बरदेई के कुछ समर्थकों को डंडों से पीटा, जो उनके इर्दगिर्द सुरक्षा घेरा बनाए थे। 82 वर्षीय राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के शासन के तीन दशक के शासन के खिलाफ मंगलवार से शुरू प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए राजधानी काहिरा में विशेष आपरेशन बल की तैनाती कर दी है। यह अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है। काहिरा में गीजा चौक पर एक मस्जिद के बाहर जमा प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने रबर की गोली और आंसू गैस के गोले छोड़े। टीवी चैनलों ने भी पुलिस और जनता के बीच झड़प को दिखाया। मिस्र के बंदरगाह शहर एलेक्सिेंड्रिया, मिन्या के अलावा अन्य शहरों में भी लोगों ने प्रदर्शन किया। हिंसक घटनाओं में अब तक सात लोग मारे जा चुके हैं जबकि एक हजार से अधिक गिरफ्तार किए गए हैं। राजधानी में रामसिस चौराहे पर भी हजारों प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई। मुबारक की सत्तारूढ़ नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ने स्थिति का आकलन करने के लिए बृहस्पतिवार को बैठक की और अल बरदेई से बातचीत की पेशकश भी की। इस बीच अधिकारियों ने सबसे बड़े विपक्षी दल मुस्लिम ब्रदरहुड के चार बड़े नेताओं समेत 350 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। मुस्लिम ब्रदरहुड ने गुरुवार को पहली बार सरकार विरोधी आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा करते हुए कहा था कि वे शुक्रवार की नमाज के बाद आंदोलन में शामिल हो जाएंगे। वियना से काहिरा पहंुचने के बाद अल बरदेई ने कहा, मिस्र के लिए यह काफी मुश्किल की घड़ी है और मैं लोगों का सहयोग करने के लिए यहां आया हूं। उन्होंने कहा, हमारे देश में सरकार आम आदमी की पहंुच से दूर हो चुकी है। बदलाव की प्रक्रिया के लिए हम अब भी सरकार से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। मिस्र का हर आदमी देश को हिंसा की तरफ बढ़ते नहीं देखना चाहता। इससे पहले उन्होंने वियाना में कहा था कि जरूरत पड़ने पर वो मिस्र में परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment