अमेरिका ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए पूरी मेहनत और शक्ति के साथ कार्य करेगा। इसके अलावा व्हाइट हाउस ने शीर्ष निकाय में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे के लिए समर्थन फिर से दोहराया है। व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता माइक हैमर ने कहा, आज की वास्तविकताएं संयुक्त राष्ट्र में ज्यादा समय तक प्रतिबिंबित नहीं होंगी। इसीलिए हम, इस बारे में लगातार काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार ओबामा प्रशासन के विदेश नीति संबंधी एजेंडे की शीर्ष प्राथमिकता है। हैमर ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए उत्सुक हैं। यह भी स्पष्ट है कि राष्ट्रपति ने भारत यात्रा के दौरान सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के भारत के दावे के लिए अपने समर्थन की घोषणा की थी। बहरहाल, हैमर ने यह भी कहा कि सुधार में कुछ समय लगेगा। उन्होंने कहा, हम यह भी समझते हैं कि ऐसे सुधारों में काफी प्रयासों और समय की जरूरत होगी। यही बात है कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत सूजैन राइस आने वाले समय में कड़ी मेहनत और पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के निवर्तमान प्रवक्ता ने कहा, हमें इस बात को समझने के लिए समय देने की जरूरत है कि दुनिया विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनियाभर में उभरती शक्तियों को महत्व देने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। हैमर ने कहा, और इस सिलसिले में खासतौर पर मैं भारत का संदर्भ देता हूं। आपने पिछले साल राष्ट्रपति का दौरा देखा जो, हमारी राय में रणनीतिक साझीदारी विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस साझीदारी का विकास हम जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, मेरी राय में पिछले दो साल में जो कुछ हुआ, आपने देखा। हम इस पर काम जारी रखेंगे। हमने अपने सहयोगियों को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। हैमर ने कहा कि हमने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए नई साझीदारी विकसित करना शुरू कर दिया है। इन चुनौतियों का सामना हम सभी कर रहे हैं और हम सबके साझे हित हैं। उन्होंने कहा, यह बात राष्ट्रपति और जी-8 और जी-20 समूह के अन्य वैश्विक नेताओं के प्रयासों से जाहिर हो गई है। मेरी राय में यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के समाधान में कारगर साबित हुई है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट अर्थव्यवस्था के संदर्भ में न केवल अमेरिकी जनता के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए मुख्य चिंता है। हैमर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस पर हम हर दिन काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में ट्यूनीसिया, लेबनान, मिस्र में हुए घटनाक्रमों पर हम लगातार नजर रखे हुए हैं। आइवरी कोस्ट में स्थिति पर हम इकॉनोमिक कम्यूनिटी ऑफ वेस्ट अफ्रीकन स्टेट्स के सहयोगियों के साथ काम कर रहे हैं। सूडान में जनमतसंग्रह सफलतापूर्वक हुआ।
Sunday, January 30, 2011
परिषद विस्तार के लिए पूरी शक्ति लगाएगा अमेरिका
अमेरिका ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए पूरी मेहनत और शक्ति के साथ कार्य करेगा। इसके अलावा व्हाइट हाउस ने शीर्ष निकाय में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे के लिए समर्थन फिर से दोहराया है। व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता माइक हैमर ने कहा, आज की वास्तविकताएं संयुक्त राष्ट्र में ज्यादा समय तक प्रतिबिंबित नहीं होंगी। इसीलिए हम, इस बारे में लगातार काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार ओबामा प्रशासन के विदेश नीति संबंधी एजेंडे की शीर्ष प्राथमिकता है। हैमर ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए उत्सुक हैं। यह भी स्पष्ट है कि राष्ट्रपति ने भारत यात्रा के दौरान सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के भारत के दावे के लिए अपने समर्थन की घोषणा की थी। बहरहाल, हैमर ने यह भी कहा कि सुधार में कुछ समय लगेगा। उन्होंने कहा, हम यह भी समझते हैं कि ऐसे सुधारों में काफी प्रयासों और समय की जरूरत होगी। यही बात है कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत सूजैन राइस आने वाले समय में कड़ी मेहनत और पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के निवर्तमान प्रवक्ता ने कहा, हमें इस बात को समझने के लिए समय देने की जरूरत है कि दुनिया विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनियाभर में उभरती शक्तियों को महत्व देने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। हैमर ने कहा, और इस सिलसिले में खासतौर पर मैं भारत का संदर्भ देता हूं। आपने पिछले साल राष्ट्रपति का दौरा देखा जो, हमारी राय में रणनीतिक साझीदारी विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस साझीदारी का विकास हम जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, मेरी राय में पिछले दो साल में जो कुछ हुआ, आपने देखा। हम इस पर काम जारी रखेंगे। हमने अपने सहयोगियों को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। हैमर ने कहा कि हमने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए नई साझीदारी विकसित करना शुरू कर दिया है। इन चुनौतियों का सामना हम सभी कर रहे हैं और हम सबके साझे हित हैं। उन्होंने कहा, यह बात राष्ट्रपति और जी-8 और जी-20 समूह के अन्य वैश्विक नेताओं के प्रयासों से जाहिर हो गई है। मेरी राय में यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के समाधान में कारगर साबित हुई है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट अर्थव्यवस्था के संदर्भ में न केवल अमेरिकी जनता के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए मुख्य चिंता है। हैमर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस पर हम हर दिन काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में ट्यूनीसिया, लेबनान, मिस्र में हुए घटनाक्रमों पर हम लगातार नजर रखे हुए हैं। आइवरी कोस्ट में स्थिति पर हम इकॉनोमिक कम्यूनिटी ऑफ वेस्ट अफ्रीकन स्टेट्स के सहयोगियों के साथ काम कर रहे हैं। सूडान में जनमतसंग्रह सफलतापूर्वक हुआ।
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