Sunday, January 30, 2011

भारत-पाक विदेश सचिव वार्ता से नतीजों की उम्मीद कम


पाकिस्तान के साथ अगले महीने भूटान में होने जारी विदेश सचिवों की मुलाकात में किसी बड़े नतीजे की उम्मीद बेमानी होगी। भारतीय खेमे के सूत्रों का मानना है कि थिंपू में 8-9 फरवरी की दक्षेस विदेशमंत्री स्तरीय बैठक के हाशिए पर होने वाली यह मुलाकात बातचीत के बंद पड़े कमरों को फिर खोलने से ज्यादा कुछ भी नहीं है। वहीं सूत्रों के मुताबिक समझौता एक्सप्रेस धमाके की जांच पर अत्यधिक उत्सुकता और आग्रह को लेकर भी पाकिस्तान को इस बैठक में निराशा ही हाथ लगेगी। इस मामले पर बीते कुछ दिनों में पाकिस्तान ने कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी दिखाई है। पाकिस्तानी खेमे ने हाल में यह संकेत दिए थे कि वार्ता की मेज पर उनकी अपेक्षा होगी कि भारत जांच से जुड़ी जानकारियां साझा करेगा। हालांकि पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर से बातचीत की मेज पर यदि इस मसले पर सवाल उठते हैं तो विदेश सचिव निरुपमा राव का जवाब यही होगा कि मामले पर जांच अभी जारी है। इस बीच जून 2010 के बाद द्विपक्षीय वार्ता की मेज पर अगले महीने होने वाली दोनों देशों के विदेश सचिवों की मुलाकात में भारत का जोर अपने पुराने प्रस्तावों पर पाकिस्तान का जवाब जानने पर होगा। सूत्रों के मुताबिक भारत को सरक्रीक मामले के निपटारे और वाणिज्य सचिवों की वार्ता समेत कई मोर्चे पर सहयोग के कई प्रस्ताव पिछले साल विदेश सचिवों की फरवरी और जून तथा विदेश मंत्रियों की जुलाई में हुई मुलाकात के दौरान पाक के आगे रखे थे, लेकिन उसे इनका कोई भी जवाब अभी तक मिला है। वहीं आतंकवाद का मुद्दा भी भारत के एजेंडे में काफी अहम होगा। बीते साल जुलाई में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात बातचीत का प्रक्रिया के लिए काफी कड़वा अनुभव साबित हुई थी। हालांकि सूत्र बताते हैं कि दो दिन पहले भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की फोन पर हुई बातचीत ने थिंपू में होने वाली विदेश सचिव स्तर वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए काफी मददगार साबित हुई है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुई मुलाकात में दोनों देशों लंबित मामलों को बातचीत से सुलझाने का संकल्प भी दोहराया है। हालांकि थिंपू दोनों में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के मिलने की संभावना पहले ही खारिज हो चुकी है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने दक्षेस विदेश मंत्रियों की बैठक से दूर रहने का फैसला किया है। मछुआरों की मौत पर श्रीलंका से सफाई मांगेंगी विदेश सचिव श्रीलंकाई समुद्री सीमा में भारतीय मछुआरों की मौत की ताजा घटनाओं पर सख्त भारत ने इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने का फैसला किया है। इस कड़ी में श्रीलंका सरकार से बातचीत के लिए विदेश सचिव निरुपमा राव इस सप्ताहांत कोलंबो जाएंगी। श्रीलंकाई नौसेना के हाथों हुई दो भारतीय मछुआरों की मौत के बाद यूं तो भारत नाराजगी दर्ज करा चुका है, लेकिन मामले पर गंभीरता दर्ज कराने के लिए विदेश सचिव को कोलंबो भेजने का भी फैसला लिया गया।



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