अमृतसर पुलिस ने पतंग उड़ाने में प्रयुक्त होने वाली चीन में बनी डोर को बेचने के आरोप में गत दिवस 16 लोगों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी धारा 188 के तहत हुई और साधारण धारा होने के कारण उन्हें जमानत भी तत्काल मिल गई। अब कदाचित वे लोग फिर उसी कारोबार में लगे होंगे। यह मामूली धारा भी इस कारण लगाई गई क्योंकि इसकी बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हैरानीजनक है कि पंजाब में चीन में बनी वस्तुएं धड़ल्ले से बिक रही हैं और इनको बेचने से रोकने के लिए कोई कठोर कदम नहीं उठाया जा रहा है। इसी अमृतसर शहर में ही दो दिन पूर्व चीन में बनी डोर से गला कट जाने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। ऐसी स्थिति में पुलिस को बाध्य होकर यह कदम उठाना पड़ा किंतु चीन निर्मित डोर पर प्रतिबंध न होने के कारण पुलिस के पास कोई विशेष कानूनी उपबंध उपलब्ध नहीं था और उसे मामूली धारा में कार्रवाई करनी पड़ी। चीनी डोर से प्रदेश भर में कई हादसे हो चुके हैं। इसमें लोहे के चूर्ण का उपयोग होता है अत: इसकी वजह से बिजली वितरण में भी अक्सर बाधा उत्पन्न होती है और बिजली निगम भी इस पर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुका है किंतु इसके बावजूद सरकार इसे प्रतिबंधित नहीं कर रही है। पतंग उड़ाने में प्रयुक्त होने वाली डोर खिलौनों की श्रेणी में आती है और चूंकि खिलौनों की बिक्री पर किसी प्रकार की रोक नहीं है अत: पुलिस के हाथ भी बंधे हुए हैं। चीन में बने खिलौनों ने बच्चों की पसंद के पूरे बाजार पर कब्जा कर लिया है। इससे जहां घरेलू उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही इन खिलौनों से हमारे समाज पर जो बुरा असर पड़ रहा है और बच्चों में हिंसक प्रवृत्ति जन्म ले रही है, वह नुकसान अलग है। सरकार को चाहिए कि वह इन खिलौनों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए।
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