भारत और ईरान के बीच तेल भुगतान पर गतिरोध शुक्रवार को भी दूर नहीं हो सका। हालांकि ईरान ने कहा है कि इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है, लेकिन भारतीय सूत्रों की मानें तो अभी इस मसले पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और आगे भी बातचीत जारी रहेगी। ईरान और भारत के केंद्रीय बैंकों के अधिकारियों ने शुक्रवार को मुंबई में मुलाकात की। दोनों देशों के बीच 12 अरब डॉलर के तेल कारोबार को जारी रखने के मकसद से यह बैठक बुलाई गई थी। आरबीआइ ने ईरानी अधिकारियों के साथ तकनीकी स्तर बातचीत होने की तो पुष्टि की, लेकिन इस पर कोई विस्तृत जानकारी देने से इंकार कर दिया। इससे पहले ईरान की एक अर्द्ध सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने ईरान के तेल उप मंत्री अहमद खालिदी के हवाले से कहा था कि तेल भुगतान को लेकर भारत के साथ गतिरोध दूर कर लिया गया है और भारतीय तेल कंपनियों के भुगतान दूसरी मुद्रा में स्वीकार किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने गत 27 दिसंबर को ईरान के साथ व्यापार सहित चालू खाते के सभी लेनदेन निपटान एशियाई क्लियरिंग यूनियन (एसीयू) के बाहर किसी भी अनुमति प्राप्त मुद्रा में करने का सर्कुलर जारी किया था। ज्ञात हो कि एसीयू की स्थापना दक्षिण एशिया और ईरान के केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 1970 में की थी, ताकि उनके बीच कारोबारी भुगतान आसानी से किया जा सके। वर्तमान में भारत ईरान से रोजाना चार लाख बैरल तेल खरीदता है और एसीयू के जरिए इसका भुगतान किया जाता है। यह परिस्थिति ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसके खिलाफ अमेरिका के प्रतिबंधों से पैदा हुई है। पहले भारत तेहरान स्थित एसीयू प्रणाली के तहत डॉलर में भुगतान करता था, लेकिन प्रतिबंधों के बाद भुगतान यूरो में किया जाने लगा। हाल में यूरोपीय केंद्रीय बैंक ईरान को यूरो में भुगतान की अनुमति देने के लिए आयातित वस्तुओं के संबंध में रिजर्व बैंक से यह प्रमाण मांगने लगा कि वस्तु विशेष प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आती है। हालांकि ईयू ने कहा है कि तेल का व्यापार इससे बाहर रखा गया है। फिर भी व्यापार तेल में हुआ है इसका भी प्रमाणीकरण होना चाहिए। आरबीआइ ने इस पचड़े से बचने के लिए बैंकों से एसीयू की बजाय उससे बाहर की किसी मान्य मुद्रा में ही भुगतान करने की हिदायत दी है। हालांकि रिपोर्टो में कहा गया है कि इस समस्या के चलते ईरान से कच्चे तेल का आयात प्रभावित हो सकता है। भारत अपनी कुल जरूरत का 12 फीसदी कच्चा तेल ईरान से आयात करता है।
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