चीन का सरकारी मीडिया घरेलू बाजार के बाद अब वैश्विक स्तर पर छाने की तैयारी में है। इसके लिए चीन सरकार उन मीडिया संगठनों में भारी निवेश की तैयारी में है, जो विशेष रूप से विदेशी पाठकों से जुड़े हैं और आगामी दस साल में चीन की उजली तस्वीर पेश करेंगे। यह जानकारी प्रेस एंड पब्लिकेशन के निदेशक लिउ बिंजी ने दी। द चाइना डेली की रिपोर्ट के मुताबिक इस बारे में कई योजनाएं हैं। इसका उद्देश्य मीडिया संगठनों को प्रोत्साहित करना है ताकि विदेश में अपने आफिस खोल सकें। बिंजी ने कहा, चीन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी पहचान है। हमारे मीडिया संगठन दुनिया को भी प्रभावित करते है। पिछले महीन अंग्रेजी अखबार चाइना डेली ने ब्रिटेन में पहुंच बनाने के लिए साप्ताहिक यूरोपियन संस्करण लॉन्च किया था। उसके ताजा एशियाई संस्करण में एशियाई देशों के समूह शामिल हैं। मीडिया अधिकारियों के मुताबिक भारत समेत कई देशों में दैनिक अखबार को लॉन्च करने की भी योजना है। स्टेट ब्रॉडकास्टर चाइना सेंट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) ने संयुक्त अरब अमीरात में क्षेत्रीय कार्यालय आरंभ किया है। सीसीटीवी पहले से अंग्रेजी, अरबी, स्पेनिश और फ्रेंच समेत छह भाषाओं में अपना प्रसारण कर रहा है। हाल ही में इस नेटवर्क ने विदेश में बड़ी संख्या में संवाददाता नियुक्त किए हैं। सरकारी एजेंसी शिन्हुआ ने भी पिछले साल अपना टीवी नेटवर्क शुरू किया है। सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा संचालित पीपुल्स डेली ने हाल के दिनों में कई बदलाव के बाद घरेलू बाजार पर पकड़ मजबूत की है। नई तकनीक और संपादकीय सामग्री का उपयोग करके उसने अखबार को आकर्षक बनाया है। यहां की एकमात्र निजी पत्रिका पार्टी पहले संस्करण से आगे नहीं बढ़ सकी। मशहूर चीनी ब्लॉगर हान हान द्वारा संपादित इस पत्रिका के प्रकाशन पर अधिकारियों ने रोक लगा दी थी। मीडिया संगठन के अलावा चीनी प्रकाशन भी विदेश में पाठकों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं। पिछले साल तक 193 देशों की लाइब्रेरी में चीनी किताबें और पत्रिकाएं पहुंची। वर्ष 2005 से पिछले साल तक केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले 148 प्रकाशन केंद्र कंपनियों में तब्दील हो गए। देशभर में संचालित तीन हजार सरकारी बुकस्टोर भी कंपनियों में तब्दील हो गए ताकि बाजार में जारी कड़ी प्रतिस्पर्धा से निपट सकें।
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