कनिष्क बम कांड के दोषी को झूठी गवाही पर सजा
ढाई दशक पहले कनाडा से भारत जा रहे एयर इंडिया के एक विमान को विस्फोट से उड़ा देने के मामले में दोषी करार दिए गए कनाडा के नागरिक इंद्रजीत सिंह रेयात को यहां की एक अदालत ने झूठ बोलने के आरोप में नौ साल कैद की सजा सुनाई है।
ब्रिटिश कोलंबिया की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मार्क मैकईवन ने कहा कि आरोपी रेयात के पछतावा व्यक्त करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वह इस मामले से संबंधित कोई जानकारी देने को तैयार नहीं है। पुलिस ने यह भी बताया था कि षड्यंत्रकारी एयर इंडिया के एक अन्य विमान को भी उड़ाने की योजना बना रहे थे, लेकिन गलती से वह सूटकेस बम जापान के नारिता हवाई अड्डे पर फट गया था। उस विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई थी।
कनाडा की अदालत ने रेयात को 2003 में इस हमले में सहायता करने का दोषी करार दिया गया था, लेकिन इस मामले में अन्य आरोपी रिपुदमन सिंह मलिक और अजायब सिंह बागड़ी को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया था। इस घटना तथा नारिता विस्फोट मामले में केवल रेयात को ही सजा सुनाई गई थी। रेयात ने सुनवाई के दौरान बयान दिया था कि उसे इस षड्यंत्र की कोई जानकारी नहीं है और न ही वह उस व्यक्ति का नाम जानता है जिसने उसके ब्रिटिश कोलंबिया स्थित घर में एक सप्ताह तक ठहर कर बम तैयार किया था।
हादसे में 329 लोगों की हुई थी मौत
23 जून 1985 को एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 182 के विमान को आयरलैंड के समीप अटलांटिक महासागर के ऊपर खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों ने बम विस्फोट कर उड़ा दिया। खालिस्तान समर्थक अलगाववादियों ने स्वर्ण मंदिर पर हुई सैन्य कार्रवाई के विरोध में इस हमले को अंजाम दिया था। इन लोगों ने दो सूटकेसों में बम रखा था। दूसरा बम विस्फोट टोक्यो एयरपोर्ट पर ही हो गया था।
मृतकों में अधिकतर भारतीय कनाडाई थे।
कब क्या हुआ
1991 : रेयात को टोक्यो विस्फोट मामले में 10 साल कैद। कनिष्क विमान बमकांड में पांच साल कैद।
16 मार्च 2005 : ब्रिटिश कोलंबिया सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी रिपुदमन सिंह मलिक और अजायब सिंह बागड़ी को बरी कर दिया।
1 मई, 2006 : कनाडाई प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने मामले के सार्वजनिक जांच के आदेश दिए।
28 जुलाई, 2009 : विस्फोट की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जान मेजर की अध्यक्षता वाले आयोग ने जांच पूरी की।
2009 : कनिष्क विमान बमकांड में कैद की सजा पाने वाला इंदरजीत सिंह रेयात जेल से रिहा।
03 मार्च, 2010 : इंदरजीत सिंह रेयात पर कोर्ट ने झूठी गवाही देने पर मामला चलाने की मंजूरी।
No comments:
Post a Comment