ट्यूनीसिया में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार सत्ता का केंद्र बदल गया। जनविद्रोह से घबराकर देश छोड़कर सऊदी अरब भागे जिने अल आबेदिन बिन अली के बाद उनकी सरकार के प्रधानमंत्री मोहम्मद गनूशी ने नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी, लेकिन संवैधानिक अदालत ने उनको सत्ता संभालने से रोक दिया। संवैधानिक समिति ने अब स्पीकर फेती अबदेनादर को कार्यकारी राष्ट्रपति के पद नियुक्त किया है। ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि अगर गनूशी कार्यकारी राष्ट्रपति बन रहते तो बेन अली की स्वदेश वापसी बेहद आसान हो जाती। बहरहाल, फेती को दो महीने के भीतर आम चुनाव कराने होंगे। दूसरी तरफ राष्ट्रपति बेन अली के देश छोड़ने के बाद से प्रदर्शन तो नहीं हुए, लेकिन लूट और आगजनी की घटनाएं बढ़ गई हैं। इससे पहले गनूशी ने सरकारी टेलीविजन पर घोषणा की थी कि उन्होंने सत्ता संभाल ली है। उन्होंने यह यह भी वादा किया था कि वह जल्द ही सामाजिक और राजनीतिक सुधार के लिए कदम उठाएंगे। मौजूदा समय में सरकार ने आपातकाल की घोषणा कर रखी है। इसके अनुसार सरकारी आदेश का पालन नहीं करने वालों को गोली मार दी जाएगी। सरकार ने इस बात की भी घोषणा की थी कि छह महीने के भीतर नए चुनाव कराए जाएंगे। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्यूनीसिया की सरकार से देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील की है। उन्होंने बेन अली को सत्ता से हटने पर विवश करने के लिए ट्यूनीसियाई नागरिकों की प्रशंसा की है। ओबामा ने कहा, मैं शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रही जनता के खिलाफ हुए दमन की निंदा करता हूं और ट्यूनीसियाई नागरिकों के साहस की प्रशंसा करता हूं। उन्होंने कहा कि अधिकारों के लिए ट्यूनीसियाई नागरिकों के इस संघर्ष में अमेरिका और सारा वैश्विक समुदाय उनके साथ है। उन्होंने ट्यूनीसिया के सभी राजनीतिक दलों से शांति बनाए रखने की अपील की है। 23 सालों से सत्ता पर काबिज रहे राष्ट्रपति अली को हिंसक संघर्ष के बाद पद छोड़ने के लिए विवश होना पड़ा।
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