Wednesday, January 19, 2011

ईरानी परमाणु कार्यक्रम को इजराइली वायरस से खतरा

ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अमेरिका के साथ मिलकर प्रयास कर रहे यहूदी राष्ट्र इजराइल ने एक परिष्कृत साइबर हथियार विकसित करने का दावा किया है। अमेरिकी समाचार पत्र द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार इजराइल ने स्टक्सनेट नामक वायरस विकसित किया है। इसका मकसद ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकना है। रिपोर्ट में कहा गया कि इजराइल नेजेव डेजर्ट के सुरक्षित डिमोना कॉम्प्लेक्स में विनाशकारी वायरस स्टक्सनेट का दो साल से परीक्षण कर रहा है। टाइम्स ने विशेषज्ञों के हवाले से लिखा, ईरान ने नतांज में जैसे परमाणु सेंट्रीफ्यूज का निर्माण किया है, इजराइल ने ठीक ऐसे ही सेंट्रीफ्यूज विकसित किए हैं। पश्चिमी मीडिया में खबरें आती रही हैं कि ईरान नतांज स्थित परमाणु संयंत्र में ही उच्च कोटि का यूरेनियम संव‌र्द्धन कर रहा है। रिपोर्ट में परमाणु खुफिया मामलों के एक अमेरिकी विशेषज्ञ ने कहा, स्टक्सनेट की जांच के लिए आपको मशीनों के बारे में जानना जरूरी था। इजराइल ने ऐसे ही परीक्षण किए जो अब तक प्रभावी साबित हुए हैं। अखबार के मुताबिक, परमाणु क्लॉक पर वक्त खर्च करने का एकमात्र सबसे बड़ा कारक स्टक्सनेट ही लग रहा है, जो अब तक तैनात किया गया सबसे परिष्कृत साइबर हथियार है। इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि ईरान में जिस वाइरस ने कंप्यूटरों पर हमले किए उसके पीछे इजराइल का ही हाथ है। इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के सेवानिवृत होने जा रहे प्रमुख मीर डागन और अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अलग-अलग घोषणा की थी कि उनका मानना है कि ईरान के प्रयास कई साल पीछे जा चुके हैं।


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