Monday, January 10, 2011

भारत व चीन में मजदूरों की मांग सबसे ज्यादा!

 आगामी कुछ वर्षो के दौरान भारत और चीन में मजदूरों की मांग सबसे ज्यादा होगी क्योंकि इन देशों में घरों की मांग तेजी से बढ़ने की संभावना है। इससे यहां के निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मजदूरों की जरूरत होगी। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के साथ मिलकर डब्ल्यूईएफ द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत समेत दुनिया भर में प्रतिभा के मामले में 25 फीसदी तक की कमी आ सकती है। अध्ययन में मानव पूंजी को आर्थिक समृद्धि का इंजन बताते हुए कहा गया है कि दुनिया में दक्ष लोगों को रोजगार पर रखने की समस्या बनी रहेगी। इसका कारण शिक्षा की गुणवत्ता में असमानता है। उदाहरण के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियां 25 फीसदी भारतीय और 20 फीसदी रूसी पेशेवरों को ही रोजगार पर रखने के काबिल मानती हैं। विकासशील देशों में विशेष रूप से व्यापार, परिवहन और संचार क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों की तरफ से उच्च दक्ष लोगों की मांग हो सकती है। इसके अलावा स्वास्थ्य देखभाल, अनुसंधान और विकास क्षेत्र में भी दक्ष कर्मचारियों की दुनिया भर में मांग होगी। वर्ष 2050 तक कई देशों में उम्रदराज आबादी बढ़ेगी। इससे भी दक्ष कर्मचारियों की मांग बढ़ने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक आज की तुलना में 2050 तक ब्राजील, भारत, रूस और चीन में 65 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों की तादाद दोगुनी हो जाएगी।

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