जापान के क्षतिग्रस्त फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के करीब समुद्र के पानी में रेडियोधर्मी आयोडीन की मात्रा वैध स्तर से 1250 गुना ज्यादा पाई गई है। ऐसी भी आशंका जताई जा रही है कि संयंत्र में मौजूद रेडियोधर्मी पदार्थो से युक्त पानी भूजल में मिल रहा है। वहीं जापान से चीन पहुंचे दो यात्रियों में रेडियोधर्मिता की मात्रा सुरक्षित स्तर से काफी ज्यादा पाई गई है। इस बीच 11 मार्च के विनाशकारी भूकंप और सुनामी से 10151 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 17,053 लोग अब भी लापता हैं। भूकंप और सुनामी से तबाह इलाके में शनिवार को बर्फवारी होने से सफाई और पुनर्निर्माण का काम प्रभावित हुआ है। संयंत्र संचालक कंपनी टोक्यो इलेक्टि्रक पावर कंपनी (टेप्को) ने संयंत्र के करीब समुद्र के पानी की जांच में रेडियोधर्मी आयोडीन की मात्रा वैध स्तर से 1,250.8 गुना ज्यादा पाई। समुद्र में पानी की यह जांच सुमद्र में तट से 300 मीटर अंदर की गई थी। शुक्रवार को जापान के परमाणु सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता हिदेहिको निशियामा ने कहा था कि इस बात की काफी संभावना है कि रिएक्टर तीन का भीतरी कवच क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रधानमंत्री नाओतो कान ने शुक्रवार को मौजूदा स्थिति को बेहद अप्रत्याशित बताया था। चीन में भी विकिरण जापान से चीन पहुंचे दो लोगों में रेडियोधर्मिता की मात्रा सुरक्षित स्तर से काफी ज्यादा पाई गई है। चीन के गुणवत्ता निगरानी और निरीक्षण विभाग ने कहा, टोक्यो से झियांगसू प्रांत के वुक्शी शहर पहुंचे यात्रियों में रेडियोधर्मिता की मात्रा गंभीर रूप से काफी ज्यादा पाई गई है। एजेंसी ने कहा कि यह यात्री जापान के नागानो और साइतामा प्रशासकीय क्षेत्रों से आए हैं। वुक्शी में एक अधिकारी ने कहा, विकिरण उनके कपड़ों पर था, उनके शरीर पर नुकसान नहीं पहुंचा है। स्थानीय समाचार पत्र शंघाई डेली ने कहा कि रेडिएशन पाए जाने की इस घटना से जापान के परमाणु संयंत्र से हो रहा रेडियोधर्मी विकिरण पहली बार चीन की मुख्यभूमि पहुंचा है। एजेंसी ने कहा कि जापानी नागरिकों का उपचार कराया गया है और अब उन्हें कोई खतरा नहीं है। वहीं जापान के प्रशासन का कहना है कि केवल परमाणु संयंत्र के कर्मचारियों को छोड़कर अन्य कोई व्यक्ति गंभीर रेडिएशन की जद में नहीं आया है। जापान के विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता ताकेशी मात्सुनागा ने इससे पहले कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ने जापान से जाने वाले यात्रियों की जांच की जरूरत नहीं बताई है। बर्फबारी से हाल बेहाल जापान के पूर्वोत्तर हिस्से में बर्फवारी होने से भूकंप और सुनामी से तबाह इलाकों में सफाई और पुनर्निर्माण का काम प्रभावित हुआ है। जापानी समाचार एजेंसी एनएचके के मुताबिक त्रासदी में जीवित बचे एक व्यक्ति ने कहा, यहां बेहद सर्दी है इसलिए हम अभी कुछ नहीं कर सकते। स्थानीय प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए राहत शिविरों में रह रहे करीब 3,80,000 लोगों में से कुछ लोग अब अपने घरों को लौट गए हैं। 2,40,000 से ज्यादा लोग अब भी 1,900 आपात केंद्रों में रह रहे हैं। यह केंद्र स्कूलों और सामुदायिक इमारतों में बनाए गए हैं। जापान की सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के महासचिव कात्सुया ओकाडा के अलावा शनिवार को कई बड़े नेता इस इलाके का दौरा कर रहे हैं। विपक्षी दल लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के महासचिव नोबुतेरू इशिहारा ने भी मियागी प्रशासकीय क्षेत्र के केसनुमा कस्बे का दौरा किया। पता नहीं कब रुकेगा विकिरण विएना, एजेंसी : अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) ने कहा है कि इस बात की कोई समयसीमा तय नहीं की जा सकती कि जापान के इंजीनियर फुकुशिमा में क्षतिग्रस्त परमाणु संयंत्र से रेडियोधर्मी विकिरण का प्रसार कब तक रोक पाएंगे। उन संभावित स्थानों का पता लगा लिया गया है जहां से संयंत्र में विकिरण फैल रहा है। आइएईए के तकनीकी सलाहकार ग्राहम एंड्रयू ने शुक्रवार को कहा, हम नहीं जानते कि विकिरण कब तक होता रहेगा। रिएक्टर संख्या एक और दो के भीतरी कवच से संदिग्ध रिसाव के अलावा रिएक्टर तीन से भी रिसाव होने के संकेत हैं। आइएईए के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि रिसाव वाले स्थानों को ठीक करने से पहले इंजीनियरों को इन स्थानों की पूरी तरह पहचान करने के लिए कई जरूरी कदम उठाने होंगे।
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