Tuesday, March 29, 2011

भारत ने की पाक के खिलाफ पेशबंदी


गृहसचिव स्तर की बातचीत में भारत ने नकली भारतीय नोटों के मामले में पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त पेशबंदी की। इसके तहत नकली भारतीय नोटों के कारोबार में पाकिस्तानी अधिकारियों के शामिल होने से सबूतों के साथ 65 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट भी दी गई है। रिपोर्ट में डेविड हेडली का हवाला देते हुए बताया गया है कि किस तरह नकली भारतीय नोटों का इस्तेमाल भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। भारत ने पाकिस्तान को साफ कर दिया है कि दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के लिए नकली भारतीय नोटों के इस कारोबार पर तत्काल रोक लगाना जरूरी है। केंद्र सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार नकली भारतीय नोटों के कारोबार में पाकिस्तान के शामिल होने का कच्चा-चिट्ठा बयां करने वाली यह रिपोर्ट खुफिया विभाग की मदद से तैयार की गई है। रिपोर्ट में विदेशी फारेंसिक लेबोरेटरी की जांच रिपोर्ट के साथ बताया गया है कि किस तरह से नकली भारतीय नोटों में उसी स्याही और कागज का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो खुद पाकिस्तान अपने नोटों को छापने में इस्तेमाल करता है। यह पूरा कारोबार आइएसआइ के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर शौकत मोहम्मद सूफी की देखरेख में चल रहा है। इस सिलसिले में 2007 के बाद सूफी बैंकाक व ढाका का 12-12 बार और कोलंबो का 14 बार दौरा कर चुका है। रिपोर्ट में सूफी के इन दौरों की तारीख के साथ उससे मिलने वालों के बारे में विस्तार से बताया गया है। पाकिस्तान को सौंपी गई रिपोर्ट में ं ढाका स्थित पाक उच्चायोग के अधिकारियों रत्तान गिलानी साहब, गुलाम अली मिरानी, गुलाम शब्बीर और वीजा काउंसलर आफताब अफजल की नकली भारतीय नोटों के कारोबार में भूमिका का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। इसके अनुसार रत्तान ढाका के पल्टन बाजार के इमरान मुल्ला के साथ लगातार संपर्क में है और उसके माध्यम से नकली भारतीय नोटों को भारत भेजने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। भारत ने यह भी बताया है कि किस तरह नकली भारतीय नोटों के कारोबार में लगे ढाका, नेपाल, कोलंबो और बैंकाक स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के आयोग के अधिकारियों को पिछले साल अक्टूबर तक कमीशन दिया जाता रहा है। अक्टूबर 2010 के बाद से इन अधिकारियों को इसके लिए हर महीने निश्चित भत्ता दिया जाने लगा है। भारत ने पाकिस्तान से इस कारोबार को तत्काल बंद करने को कहा है|

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