उत्तर अटलांटिक शांति संगठन (नाटो) लीबिया पर लगे नो फ्लाई जोन की देखरेख और लीबिया के खिलाफ पश्चिमी देशों के आक्रामक अभियान की कमान संभालेगा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में यह फैसला किया गया है। 28 देशों के इस संगठन को नेतृत्व देने को लेकर पिछले एक हफ्ते से विवाद चल रहा था। अब तक अमेरिका हमलों की अगुआई कर रहा था। ओबामा प्रशासन का मानना है कि केवल हमलों से लीबिया में सत्ता परिवर्तन नहीं हो सकता। अमेरिका को मुस्लिमों के भड़कने का भी डर था। नाटो के महासचिव आंदे्रस फॉग रासमुसैन ने कहा, नाटो ने लीबिया पर नो फ्लाई जोन सुनिश्चित कराने का जिम्मा उठाने का फैसला किया है। गद्दाफी के हमलों से लीबिया के नागरिकों को बचाने के इरादे से हम यह कदम उठा रहे हैं। इस क्षेत्र के मित्रों के साथ हम पूरा सहयोग करेंगे। हम अपने अभियान में भी उनका स्वागत करेंगे। रासमुसैन ने उन खबरों को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि संगठन के 28 देशों में लीबिया अभियान को लेकर मतभेद हैं। उन्होंने कहा, नाटो एक है। सभी देशों ने मिल कर तय किया है कि वे नो फ्लाई जोन को बरकरार रखने में समान भूमिका निभाएंगे। युद्धविराम, नहीं तो हमले : अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने लीबिया सरकार से कहा है उसके सामने हमले रुकवाने का सीधा सा रास्ता है। वह अपने लोगों पर हमले करना बंद करे और कर्नल गद्दाफी के निर्देश न स्वीकारे। ज्वाइंट स्टाफ निदेशक, वाइस एडमिरल बिल गॉर्टने ने मीडिया से कहा कि हमने संदेश पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा, उनसे साफ कह दिया गया है कि जितना वे इन बातों का उल्लंघन करेंगे, उन पर उतने हमले होंगे। बान की मून की चेतावनी : संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने गद्दाफी को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने जनता पर हमले नहीं रुकवाए, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि लीबिया सरकार का युद्धविराम कहीं नजर नहीं आ रहा है। अजदाबिया, मिस्राता और जितान में लोकतंत्र समर्थकों पर हमले हो रहे हैं। मून ने कहा कि लीबिया में संकट की शुरुआत होने के बाद से अब तक करीब साढ़े तीन लाख लोग देश छोड़ चुके हैं, जबकि अन्य ढाई लाख इस तैयारी में हैं। कार्रवाई में यूएई भी शामिल : फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने कहा कि लीबिया पर कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना की मदद के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) 12 लड़ाकू विमान भेजेगा। ब्रसेल्स में आयोजित दो दिवसीय यूरोपीय संघ सम्मेलन में सरकोजी ने कहा, मैंने यूएई के शहजादे से बात की है। उन्होंने गठबंधन की कार्रवाई में 12 विमान शामिल करने का निर्णय लिया है। इससे पहले कतर ने लीबिया पर कार्रवाई में शामिल होने की घोषणा थी। दूसरी ओर नाटो के महासचिव एंडर्स फॉग रासमुसेन ने बताया कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) लीबिया पर उड़ान प्रतिबंध लागू कराने की जिम्मेदारी उठाने के लिए सहमत हो गया है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस सहित 13 देशों ने इन प्रतिबंधों को लागू कराने के लिए लीबिया पर ओडिसी डॉन अभियान के तहत कार्रवाई शुरू की है|
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