Friday, March 18, 2011

पानी से किया जा रहा परमाणु संयत्र को ठंडा


जापान में गुरुवार को फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को ठंडा रखने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों ने उस पर पानी छिड़का। बीबीसी के अनुसार इस काम में लगाए गए सेना के सीएच-47 चिनूक हेलीकॉप्टर एक बार में 7.5 टन पानी ले जा सकते हैं। हेलीकॉप्टरों ने फुकुशिमा के तीसरे और चौथे रिएक्टर पर पानी का छिड़काव किया। टोक्यो पुलिस भी पानी के टैंकरों के जरिए इस काम में मदद कर रही है। इस काम को मूल रूप से काफी खतरनाक माना गया था, लेकिन संयंत्र में लगातार गर्मी बढ़ने से सरकार ने ऐसा करने का फैसला किया। इससे पहले रेडियोधर्मी विकिरण बढ़ने के कारण यह काम रोक दिया गया था। उम्मीद की जा रही है कि संयंत्र में बिजली आपूर्ति जल्द ही शुरू हो जाएगी। भूकंप से बिजली आपूर्ति व्यवस्था भंग होने के कारण संयंत्र में प्रशीतक तंत्र (कूलिंग सिस्टम) ने काम करना बंद कर दिया था जिससे अत्यधिक गर्मी और दबाव के कारण संयंत्र के पिघलने का खतरा पैदा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) के प्रमुख युकिओ अमानो अधिक जानकारी जुटाने के लिए जापान का दौरा कर रहे हैं। उधर, 11 मार्च के विनाशकारी भूकंप और उसके बाद उठी सुनामी में मरने वालों की संख्या पांच हजार का आंकड़ा पार कर गई है। मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,178 हो गई है। जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने इस बात की पुष्टि की है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक पुलिस एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि गुरुवार को स्थानीय समय सुबह 10 बजे तक कुल 8,606 लोग लापता हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित मियागी, फुकुशिमा और आइवेट प्रशासकीय क्षेत्रों के करीब 3,80,000 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। सुनामी की चपेट में आए इलाकों में अब कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिसकी वजह से लोगों की मुश्किले बढ़ गई हैं। फुकुशिमा के अधिकारियों ने बताया कि राहत शिविरों में भोजन और जरूरी वस्तुओं की कमी है। आपदा प्रबंधन एजेंसी और अग्निशमन विभाग का कहना है कि इस त्रासदी से एक लाख से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। उधर, ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस ने अपने देश के नागरिकों से टोक्यो छोड़ने पर विचार करने को कहा है। स्थिति गंभीर : आइएईए प्रमुख विएना, एजेंसी : अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) के प्रमुख यूकिया एमानो ने संकटग्रस्त फुकुशिमा परमाणु संयंत्र की स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने संयंत्र की इकाई संख्या एक, दो और तीन के कवच को हुए नुकसान के संबंध में यह बात कही। एमानो ने कहा कि कर्मचारी आपात स्थिति से निपटने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। यह समय यह बात कहने का नहीं है कि चीजें नियंत्रण से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि संयंत्र में परमाणु ईंधन को ठंडा रखने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है और उपयोग किए जा चुके ईंधन के तीन भंडारों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। संयंत्र में 23 घायल विएना, एजेंसी : फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में आपात स्थिति में काम कर रहे 23 कर्मचारी घायल हो गए हैं और संयंत्र से निकल रहे रेडियोधर्मी विकिरण के कारण 20 कर्मचारी से प्रभावित हुए हैं। आइएइए ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जापान सरकार से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आइएइए ने कहा कि संयंत्र में काम कर रहे दो कर्मचारी लापता हैं। शुक्रवार के बाद से अब तक संयंत्र में हुए तीन विस्फोटों में 15 लोग घायल हुए हैं। आइएइए ने इस बात का संकेत नहीं दिया है कि 23 कर्मचारियों के घायल होने का कारण रेडियोधर्मी विकिरण है या कुछ और। अमेरिकी विशेषज्ञ ने व्यापक परमाणु संकट की चेतावनी दी वॉशिंगटन, एजेंसी : एक शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि जापान में क्षतिग्रस्त परमाणु संयंत्र में इस्तेमाल हो चुके ईंधन की छड़ों को ठंडा करने वाले स्थान पर पानी के करीब-करीब पूरी तरह खत्म हो जाने से देश में व्यापक परमाणु संकट की आशंका है। अमेरिकी परमाणु नियामक आयोग के प्रमुख ग्रेगरी जैको के अनुसार विकिरण स्तर बहुत ऊंचा है जो सुधारात्मक कदम उठाने की क्षमता पर गंभीर असर डाल सकता है। हालांकि जापानी अधिकारियों ने इस बयान को चुनौत दी और इस बात से इंकार किया कि पूल सूख गया है। कैंसर रोकथाम गोलियों की मांग बढ़ी लंदन, एजेंसी : जापान में पैदा हुए परमाणु संकट के बीच दुनियाभर में विकिरणों से होने वाले कैंसर की रोकथाम की गोलियों की मांग बढ़ गई है। समाचार पत्र डेली एक्सप्रेस के मुताबिक अमेरिका और स्वीडन के पोटेशियम आयोडीन निर्माताओं का कहना है कि अब वे इसकी और अधिक आपूर्ति नहीं कर सकते। ब्रिटेन में 50 से ज्यादा दवा विक्रेताओं ने नेशनल फार्मेसी एसोसिएशन (एनपीए) से यह पूछने के लिए संपर्क किया है कि वे उपभोक्ताओं से क्या कहें। मीडिया रिपो‌र्ट्स के मुताबिक रेडियोधर्मी आयोडीन से थायरॉइड कैंसर हो सकता है। कैंसर की रोकथाम की ये गोलियां थायरॉइड ग्रंथि में स्थायी आयोडीन जमा करके उसे रेडियोधर्मी आयोडीन अवशोषित करने से रोकती हैं। एनपीए का कहना है कि लोग जापान में मौजूद अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को ये गोलियां भेजना चाहते हैं। कुछ लोग हाल ही में जापान से लौटे हैं इसलिए खुद को विकिरण के किसी भी प्रकार के प्रभाव से सुरक्षित करने के लिए ये गोलियां लेना चाहते हैं। परमाणु विशेषज्ञों का कहना है कि जापान में विकिरण से ब्रिटेन में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का खतरा कम है। जापान में शुक्रवार को आए विनाशकारी भूकंप और फिर सुनामी के बाद परमाणु संकट पैदा हो गया है। जापान में रोजमर्रा के सामान की किल्लत टोक्यो, एजेंसी : भूकंप, सुनामी और परमाणु विकिरण से हलकान जापान में रोजमर्रा के सामान की जबर्दस्त किल्लत हो गई है। इससे स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी है। स्थानीय नागरिक ओटा ने कहा, पेट्रोल लेने के लिए मैं 10 घंटे कतार में खड़ा रहा। किसी को भी दस लीटर से ज्यादा पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। 45 वर्षीय ओटा ने कहा, मेरा एक मित्र जब दुकान से सामान लेने गया तो उसे सामान की सौ गुना ज्यादा कीमत चुकानी पड़ी। एक अन्य स्थानीय नागरिक चीबा ने बताया कि घंटो कतार में लगे रहने के बावजूद न तो दूध मिला न ही ब्रेड। हालांकि एक व्यक्ति को दो पैकेट नाश्ता और एक डब्बा खाने बांटा जा रहा है। इन हालातों से निपट न पाने के कारण जापान सरकार की भी आलोचना हो रही है। फुकुशिमा प्रांत के गवर्नर यूहेई साटो ने माना कि मूलभूत चीजों की कमी होने से लोगों में गुस्सा है|

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