नाटो ने संभाली लीबिया पर हमलों की कमान त्रिपोली, एजेंसियां : अमेरिका और यूरोप की गठबंधन सेना के लड़ाकू विमानों ने सोमवार को गद्दाफी के कबायली गृहनगर सेरते पर कहर बरपाया। पश्चिमी देशों की इस कार्रवाई से उत्साहित लीबियाईलोकतंत्र समर्थकों का हौसला बढ़ गया है और वे सेर्त पर कब्जा करने के करीब पहुंच गए हैं। सिर्ते का तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के हाथ से निकलना लीबिया में चल रहे संघर्ष का रुख बदल सकता है। सेर्त से सीधा रास्ता त्रिपोली को जाता है। सोमवार की सुबह सिर्ते में एक के बाद एक नौ धमाके हुए। इन धमाकों ने गद्दाफी के गृहनगर की सुरक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। सिर्ते से लोगों के भागने की खबरें आ रही हैं। दर्जनों गाडि़यों में परिवारों को बैठ कर त्रिपोली की ओर जाते देखा गया। अपुष्ट खबरों के मुताबिक लोकतंत्र समर्थकों ने गद्दाफी समर्थकों को खदेड़ दिया है। विपक्ष के प्रवक्ता ने अल-जजीरा न्यूज चैनल से कहा, हमारी सेना ने गठबंधन सेनाओं की सहायता से बिन जावेद, रास लानुफ, यूकेला, ब्रेगा और अजदाबिया को अपने कब्जे में ले लिया है। लोकतंत्र समर्थक रविवार की रात सेर्त में भी घुस गए हैं। शहर में कोई शस्त्रधारी नहीं था। उन्हें वहां तक पहुंचने में कोई समस्या नहीं हुई। इस बीच लीबिया के प्रमुख पश्चिमी शहर मिसराता में गद्दाफी की सेनाओं और लोकतंत्र समर्थकों के बीच संघर्ष जारी है। गद्दाफी की सेना टैंकों और तोपों से इस शहर पर हमला कर रही रही है, जो करीब छह दिन से लोकतंत्र समर्थकों के कब्जे में है। नाटो ने कमर कसी : उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने रविवार को लीबिया के खिलाफ अभियान की कमान पूरी तरह संभाल ली है। अभी तक यह अभियान अमेरिकी नेतृत्व में चल रहा था। 28 देशों के इस संगठन के महासचिव आंद्रेस फॉग रासमुसैन ने कहा, हमारा लक्ष्य लीबियाई नागरिकों की गद्दाफी के हमलों से रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र के प्रवधानों को पूरी तरह लागू करने की कोशिश करेंगे। न कम, न ज्यादा। रासमुसैन के अनुसार, इस हस्तांतरण में 48 से 72 घंटे लगेंगे। ऐसे में अगले दो-तीन दिनों तक गठबंधन सेनाएं नाटो के साथ लीबिया पर हमलों में साथ रह सकती हैं। कतर ने भी मान्यता दी : कतर ने सोमवार को लीबिया का लोकतंत्र समर्थकों की नेशनल काउंसिल को मान्यता प्रदान कर दी। उन्हें मान्यता देने वाला कतर पहला देश बन गया है। कतर ने कहा कि गद्दाफी देश पर शासन करने का अधिकार खो चुके हैं। इसके पहले रविवार को कतर ने गद्दाफी प्रशासन से पूरी तरह मुक्त हो चुके पूर्वी क्षेत्र के कच्चे तेल उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने के लिए सहमत हो चुका था। खाड़ी देशों की परिषद जीसीसी ने कतर के इस कदम को सही ठहराया है। नो फ्लाई जोन कब तक? : अमेरिकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि लीबिया में नो फ्लाई जोन कब तक लागू रहेगा। यह जानकारी सीबीएस न्यूज टीवी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में दी है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लीबिया पर उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित करने को मंजूरी दी थी। उस मंजूरी में यह बात भी शामिल थी कि लीबियाई नागरिकों को मुअम्मर गद्दाफी के हमलों से बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। गेट्स ने कहा, मैं नहीं समझता कि इस बारे में किसी को कुछ पता है। गेट्स ने कहा, मैं समझता हूं कि सैन्य अभियान कारगर साबित हुआ है। मैं समझता हूं कि हम काफी सफल हुए हैं। आपको पता है कि मेरे दिमाग में इस बात को लेकर कभी कोई संदेह नहीं था कि हम उड़ान निषिद्ध क्षेत्र को तत्काल लागू कर सकते हैं, और (लीबियाई शासक मुअम्मार गद्दाफी के) हवाई कवच को तोड़ सकते हैं। ज्ञात हो कि लीबिया में ऑडेसी डॉन नामक सैन्य अभियान, अभी तक 13 देशों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन व फ्रांस प्रमुख रूप से शामिल हैं|
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