लीबिया में विद्रोहियों ने पूर्वी शहर अजदाबिया को फिर से कब्जे में ले लिया। इस पर मुअम्मर गद्दाफी के सुरक्षाबलों का कब्जा हो गया था। कई दिनों की लड़ाई के बाद इस शहर पर फिर से कब्जा करने के बाद शहरवासियों ने जमकर जश्न मनाया। इसमें पश्चिमी देशों की सेनाओं ने उनकी मदद की। उन्होंने गद्दाफी के टैंकों और तोपों पर हवाई हमले किए। अजदाबिया इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि यहां से राजधानी त्रिपोली को देश के पूर्वी शहरों से जोड़ने वाले हाईवे खुलते हैं। एक लोकतंत्र समर्थक सरहग अगोरी ने कहा, शुक्रवार रात हमारी सेना ने दोबारा शहर पर कब्जा कर लिया। अजदाबिया अब भूतों का शहर बन गया है। वहां पर सिर्फ शव और कुछ परिवार बचे हैं। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र समर्थकों ने गद्दाफी सेना पर शहर के पूर्वी हिस्से से हमला किया। संघर्ष रात भर चला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमले में गद्दाफी के चार टैंक तबाह हो गए। घटनास्थल पर गोले-बारूद के बक्से और हथियारों के खोल बिखरे पड़े थे। अमेरिका की योजना : बीते सात दिनों से नाटो गठबंधन सेना लीबिया पर हवाई बमबारी कर रही है। इसके बावजूद प्रमुख शहरों पर गद्दाफी का कब्जा बना हुआ है। द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक अमेरिका और सहयोगी देश लोकतंत्र समर्थकों को अब हथियार देने पर विचार कर रहे हैं। फ्रांस उन्हें प्रशिक्षण और हथियार देने का समर्थन कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा, ओबामा प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक गद्दाफी से युद्ध करने वाले नागरिकों को इस तरह की मदद दी जा सकती है। फिलहाल इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। लीबिया मेंभविष्य में राजनीतिक रणनीति के निर्धारण के लिए गठबंधन देशों की लंदन में आगामी मंगलवार को होने वाली बैठक में लीबिया के विपक्ष के वरिष्ठ नेता को आमंत्रित किया गया है। धमाकों से दहला त्रिपोली : लीबिया की राजधानी त्रिपोली शनिवार तड़के कई विस्फोटों से दहल उठी। ये विस्फोट उसके पूर्वी उपनगर ताजौरा में हुए हैं। इस उपनगर को पहले भी निशाना बनाया गया था। बीबीसी के अनुसार ताजौरा में सेना का एक राडार स्थल धू धू कर जल रहा है। इस जिले में कई सैन्य ठिकाने हैं। यह इलाका एक-एक करके तीन विस्फोटों से दहल उठा। ये विस्फोट पूर्वी अजदाबिया शहर के आसपास गद्दाफी के टैंकों व तोपों पर किए गए हमलों के बाद हुए हैं। दूसरी ओर व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा सोमवार शाम अमेरिकी नागरिकों को संबोधित करेंगे और लीबिया के बारे में अपनी नीति और निर्णय की व्याख्या करेंगे। अमेरिकी सेना के प्रवक्ता वाइस एडमिरल विलियम गॉर्टनी ने कहा है कि कर्नल गद्दाफी के पास हवाई प्रतिरोध की कोई व्यवस्था नहीं है और जमीन पर भी अपने बलों को टिकाए रखने और उनका नेतृत्व करने की उनके पास न के बराबर क्षमता है। गॉर्टनी ने कहा, गद्दाफी की वायु सेना उड़ान नहीं भर सकती। उनके युद्धपोत बंदरगाह में लंगर डाले खड़े हैं। उनके आयुध भंडार नष्ट किए जा रहे हैं, संचार टॉवर ढहाए जा रहे हैं, उनके बंकर बेकार साबित हो रहे हैं। जमीनी कार्रवाई अप्रैल में मॉस्को, एजेंसी : अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना की योजना अप्रैल के अंत तक लीबिया के खिलाफ जमीनी कार्रवाई शुरू करने की है। रूस के खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह दावा किया है। समाचार एजेंसी आरआइए नोवोस्ती ने अधिकारी के हवाले से कहा, हमारे स्रोतों के मुताबिक अगर गठबंधन सेना हवाई और मिसाइल हमलों से गद्दाफी को हटाने में सफल नहीं होगी तो जमीनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। नाटो देश और अमेरिका, ब्रिटेन की सक्रिय भागीदारी से जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच रूस ने लीबिया के हालात देखते हुए अपने राजनयिकों और नागरिकों को वहां से निकालने के लिए विशेष विमान भेजने की योजना रद कर दी है। सफल हो रही मुहिम : ओबामा वॉशिंगटन, एजेंसी : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शनिवार को कहा कि लीबिया में गठबंधन सेना की मुहिम सफल हो रही है और लीबियाई शासक मुअम्मर गद्दाफी को उनकी करतूतों के लिए हर हाल में जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। ओबामा ने अपने साप्ताहिक रेडियो संबोधन में गद्दाफी से एक बार फिर आग्रह किया कि उन्हें नागरिकों के खिलाफ हमले बंद कर देने चाहिए। ओबामा ने कहा, हम अपनी मुहिम में सफल हो रहे हैं। हमने लीबिया के हवाई प्रतिरोध को ध्वस्त कर दिया है। गद्दाफी की सेना अब लीबिया में आगे नहीं बढ़ पा रही है। बिना किसी गलती के हमने इसीलिए तत्काल कार्रवाई की है। इसके जरिए एक मानवीय आपदा को टाला गया है और अनगिनत नागरिकों, बेगुनाह पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को बचाया गया है। सीरियाई बलों ने धावा बोला दमिश्क, एजेंसी : सीरिया की राजधानी दमिश्क में विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के धरना स्थल पर सुरक्षा बलों ने मध्यरात्रि में धावा बोलकर 200 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया कि दमिश्क शहर के बाहरी भाग दोमा में तकरीबन चार हजार लोग प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार मध्यरात्रि में यहां बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और प्रदर्शनकारियों पर हमला किया गया। इस हमले में कई लोग घायल हो गए।
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