वैश्विक निंदा व प्रतिबंधों के बावजूद लीबियाई तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी की ओर से अपनी ही जनता पर की जा रही सैन्य कार्रवाई से अमेरिका पर सैन्य हस्तक्षेप का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गद्दाफी के अडि़यल रवैये को देखते हुए अमेरिकी सेना ने लीबिया पर जमीनी, हवाई और समुद्री रास्ते से हमले का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। ओबामा प्रशासन के सूत्रों के हवाले से अखबार ने लिखा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका कार्रवाई से गुरेज नहीं करेगा। दूसरी ओर लीबिया में गद्दाफी के वफादारों और विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी है। कभी एक तो कभी दूसरा पक्ष भारी पड़ रहा है। रविवार रात और सोमवार दिन की लड़ाई में गद्दाफी के सैनिक भारी पड़े। उन्होंने विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी शहरों, बिन जवाद और रास लानुफ पर रूसी युद्धक विमानों से तेज हवाई हमले किए। इसके अलावा हेलीकॉप्टर गनशिप, टैंक और तोपों का भी इस्तेमाल किया। इन हमलों के बाद दोनों शहरों से लोगों के पलायन की खबरें हैं। बिन जवाद में छह से आठ विद्रोही मारे गए हैं। टीवी चैनल अल जजीरा ने कहा, पिछले कुछ दिनों में विद्रोहियों को कामयाबी मिली थी, लेकिन बीती रात गद्दाफी के वफादारों ने तेज हमले किए और हाथ से निकले इलाके वापस ले लिए। खबर है कि लीबिया में भी गद्दाफी के एक सहयोगी ने सोमवार को विद्रोहियों के सामने बातचीत का प्रस्ताव रखा, जिसे उन्होंने तत्काल ठुकरा दिया। पीछे हटने के बावजूद विद्रोहियों ने हार नहीं मानी है और उनकी नजर सेर्त शहर पर है। यह लीबियाई तानाशाह का गृहनगर है, जिसका सीधा संबंध उसकी प्रतिष्ठा से जुड़ा है। विद्रोहियों का आरोप है कि गद्दाफी भाड़े के अफ्रीकी सैनिकों का जनता के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं|
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