लीबिया को नो फ्लाई जोन घोषित करने के बाद अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और इटली की ओर से मुअम्मर गद्दाफी के खिलाफ कार्रवाई से संबंधित रणनीति पर विवाद के बीच अमेरिका ने कदम पीछे खींच लिए हैं। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सोमवार को हुई बैठक के दौरान अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया कि वह आने वाले कुछ दिनों में लीबिया पर किए जा रहे हवाई हमलों की कमान किसी सहयोगी देश को सौंप देगा। चिली के दौरे पर गए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, गद्दाफी को सत्ता छोड़नी होगी। हमारे पास सैन्य कार्रवाई के अलावा और भी माध्यम हैं जिनका उपयोग किया जाएगा। ओबामा ने माना कि केवल हवाई हमलों से गद्दाफी को सत्ता से हटाया नहीं जा सकता है। खबरें हैं कि इराक और अफगानिस्तान में हाथ जलाने के बाद अमेरिका अब एक और मुस्लिम देश पर सैन्य कार्रवाई नहीं करना चाहता। हालांकि इसके लिए ओबामा की घर में कड़ी आलोचना हो रही है। दूसरी ओर नाटो देशों की बैठक में फ्रांस के विदेश मंत्री एलन जुपी ने कहा कि अगर अमेरिका अगुआई से पीछे हट जाता है तो जरूरत पड़ने पर नाटो संगठन कमान संभाल सकता है। हालांकि उन्होंने इस पर सवाल खड़े करते हुए कहा, फ्रांस यह चाहता है कि नाटो की भूमिका सहायक के रूप में हो। इससे पहले ब्रिटेन की संसद में लीबिया पर सैन्य कार्रवाई संबंधी प्रस्ताव पेश किया गया जिसे बहुमत से पारित कर दिया गया। संघर्ष और भीषण हुआ पश्चिमी देशों की ओर से हो रहे हवाई हमलों के बावजूद गद्दाफी की सेना ने मंगलवार को भी बेनगाजी, मिसुराता, जिनतान और अजदाबिया पर हमले जारी रखे। इन हमलों में चार बच्चों के भी मारे जाने की खबर है। मिसुराता के अलावा अजदाबिया के पूर्वी इलाकों में भीषण संघर्ष चल रहा है। इन क्षेत्रों में सेना के हमलों के चलते विद्रोहियों को पीछे हटना पड़ा है। लीबिया सरकार के प्रवक्ता इब्राहिम ने कहा कि सेना ने देश के तीसरे सबसे बड़े शहर मिसुराता को विद्रोहियों के कब्जे से मुक्त कर लिया। अल जजीरा ने विद्रोही गुट के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि सेना द्वारा मंगलवार को मिसुराता शहर पर किए गए हमले में चार बच्चे मारे गए। विद्रोही गुट के एक प्रवक्ता ने बताया कि सेना द्वारा हमला किए जाने के बाद भी शहर पर विद्रोहियों का नियंत्रण बना हुआ है। उन्होंने बताया कि गद्दाफी की सेना ने शहर पर टैंकों से हमले किए और भवनों की छत पर तैनात बंदूकधारी गलियों में लोगों को निशाना बना रहे हैं। चैनल के मुताबिक पश्चिमी गठबंधन सेना के हवाई हमले को देखते हुए गद्दाफी की सेना बेनगाजी से 100 किलोमीटर पीछे हट गई है। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक समाचार चैनल अल जजीरा ने विद्रोहियों के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि सेना जिनतान पर गोलीबारी करने के साथ ही शहर के मध्य में दाखिल होने के लिए तोपों से भीषण हमले कर रही है। यह शहर त्रिपोली से करीब 160 किलोमीटर की दूरी पर है। दूसरी ओर पश्चिमी देशों की वायु सेना ने मंगलवार को भी त्रिपोली स्थित गद्दाफी के ठिकानों पर बम बरसाए। अमेरिकी विमान दुर्घटनाग्रस्त अमेरिकी सेना का लड़ाकू विमान सोमवार को लीबिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। समाचार पत्र द टेलीग्राफ के मुताबिक सैन्य प्रवक्ता ने इस दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एफ-15 जेट लड़ाकू विमान के चालक दल का सदस्य मिल गया है, जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक दुर्घटना के पीछे तकनीकी खराबी होना माना जा रहा है|
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