पाकिस्तान की कैबिनेट में शामिल एकमात्र ईसाई मंत्री शाहबाज भट्टी की हत्या से देश का मीडिया शोकग्रस्त है। देश का प्रगतिशील चेहरा माने जाने वाले भट्टी की हत्या पर टिप्पणी करते हुए पाक मीडिया ने कहा, एक और उदार आवाज को शांत कर दिया गया। भट्टी की बुधवार को इस्लामाबाद में हत्या कर दी गई थी। उन्होंने पाकिस्तान के विवादित ईशनिंदा कानून में बदलाव की मांग की थी। मीडिया ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) नीत सरकार पर आरोप लगाया कि वह धार्मिक कट्टरता और असहिष्णुता के खिलाफ लड़ाई में पीछे हट रही है। पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र द डॉन ने समाज में बढ़ते उग्रवाद से निपटने में सरकार के प्रयासों पर कई सवाल खड़े किए हैं। पाक मीडिया ने कहा कि चरमपंथी सोच देश को अव्यवस्था की ओर ले जा रही है। मीडिया ने कहा कि मंत्री की उनके घर से महज कुछ दूरी पर नृशंस हत्या के बाद सरकार को नींद से जाग जाना चाहिए और कट्टरपंथी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने भट्टी की हत्या की जिम्मेदारी ली है। वह पीपीपी के दूसरे नेता हैं जिनकी इस साल कट्टरपंथियों ने हत्या कर दी। इससे पहले कट्टरपंथी मुमताज कादरी ने पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तसीर की हत्या कर दी थी। डेली टाइम्स ने संपादकीय में लिखा है, भट्टी की नृशंस हत्या ने एक बार फिर इस तथ्य को रेखांकित किया है कि हम हिंसक समाज में तब्दील हो रहे हैं। प्रतिष्ठित दैनिक डॉन ने संपादकीय में कहा कि भट्टी के हत्यारे भाग गए, लेकिन असली अपराधी का सबको पता है। यह है कट्टरपंथी सोच जिसे राज्य के कुछ संस्थानों ने प्रायोजित किया है वह पाकिस्तानी समाज में अंदर तक फैल गया है। दैनिक डॉन ने कहा, दुखद बात यह है कि जिस देश का निर्माण अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया, वहीं पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए खड़े हो रहे लोगों की हत्या की जा रही है। तीन दिन के शोक की घोषणा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने आतंकवादी हमले में मारे गए शहबाज भट्टी की याद में तीन दिन के शोक की घोषणा की है। दूसरी ओर गृह मंत्री रहमान मलिक ने भट्टी की हत्या में सुरक्षा चूक की बात खारिज कर दी है। उन्होंने कहा कि भट्टी घर से अकेले निकले थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी सुरक्षा में चूक हुई। मलिक ने कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार करने भी खबर दी है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। ईशनिंदा कानून को तत्काल स्थगित करे पाक : यूएन संयुक्त राष्ट्र : शाहबाज भट्टी की हत्या की निंदा करते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान से विवादित ईश निंदा कानून के प्रयोग को तत्काल स्थगित किए जाने की मांग की है। अमेरिका ने कहा कि इस कानून से पाकिस्तान के समाज में वैमनस्य पैदा हो रहा है। दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लै ने कहा, मैं पाकिस्तान की सरकार से इस विवादित कानून पर भट्टी और तसीर के हिम्मतपूर्ण रवैये का सम्मान करने की अपील करती हूं। उन्होंने कहा कि इसे नजरअंदाज कर देना, आतंक की कार्रवाई और अराजक स्थिति को प्रोत्साहित करेगा, इसलिए उसे जाग जाना चाहिए|
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