Saturday, March 12, 2011

सुनामी से दहला जापान, सहमी दुनिया


जापान पर शुक्रवार को कुदरत का कहर टूटा। राजधानी टोक्यो से 370 किमी उत्तर पूर्व में तड़के 2.46 मिनट (भारतीय समयानुसार सुबह 6.15 बजे) आए शक्तिशाली भूकंप के बाद समुद्र में उठीं हत्यारी सुनामी लहरों की चपेट में आकर एक हजार से ज्यादा की मौत हो गई। अकेले सेंदई में ही 300 शव बरामद किए गए है। जापान के उत्तर-पूर्वी तट से चली सुनामी फिलीपींस के तट को छूती हुई 6200 किमी दूर अमेरिका के हवाई द्वीप समेत कई अन्य देशों तक पहुंच गई है। इस प्राकृतिक आपदा से वैश्विक आर्थिक व्यवस्था पर पड़ने वाले असर की आशंका से दुनिया के तमाम देशों में शेयर बाजार तेजी के साथ नीचे गिर गए। रिक्टर पैमाने पर 8.9 तीव्रता के भूकंप का केंद्र देश के उत्तरपूर्वी तट से 125 किमी दूर समुद्र में 10 किमी की गहराई में स्थित था। देश में पिछले 140 साल में आया यह सबसे भीषण भूकंप था। इसके असर से समुद्र में 33 फुट से ज्यादा ऊंची लहरें उठीं। कई किलोमीटर से ज्यादा चौड़े पानी के तेज बहाव में 300 से ज्यादा बिल्डिंगें, हजारों कारें और बड़े-बड़े शेड बह गए। यात्रियों से भरी ट्रेन और पानी का एक जहाज का भी लापता है। परमाणु बिजलीघर, तेल रिफाइनरी, स्टील प्लांट के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में तकरीबन 100 जगह आग लगने की भी सूचना है। प्राकृतिक आपदा के कारण बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। एहतियात के तौर पर बुलेट ट्रेन और भूमिगत ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं। हवाई अड्डों पर पानी भर जाने से विमान सेवाएं भी बाधित हो गई हैं। बदले हालात में 700 से भी ज्यादा घरेलू उड़ानें रद कर दी गईं। सरकार ने प्रभावित इलाकों में स्थित 11 परमाणु संयत्रों में से चार को बंद कर दिया है। सेना तैनाती के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत के लिए 900 दल तैनात किए गए हैं। जापान ने अमेरिकी सैनिकों से मदद का आग्रह किया है। भारत समेत दुनिया के तमाम देशों ने आपदा की इस घड़ी में जापान की तरफ मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने देश के प्रशांत महासागर से लगे पूरे तटीय इलाके में सुनामी चेतावनी जारी कर दी है।

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