Monday, March 28, 2011

परवेज ने माना पाक खतरनाक देश


डेविस की रिहाई के खिलाफ याचिका लाहौर : पाकिस्तान में दो लोगों की हत्या के मामले में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए के अनुबंधकर्ता रेमंड डेविस को छोड़े जाने पर पाकिस्तान की अदालत में याचिका दायर गई है। वकील जावेद इकबाल जाफरी ने लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और कानून मंत्री बाबर अवान, पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ, न्यायाधीश युसफ औजला और अन्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा कि उन्होंने डेविस की दोषमुक्ति और उसकी रिहाई को क्यों सुगम बनाया। जाफरी ने न्यायालय से यह भी कहा कि वह इन अधिकारियों से एक शपथपत्र मांगे कि क्या उन्हें डेविस की दोषमुक्ति और एक विशेष विमान में सवार होकर पाकिस्तान से उसकी रवानगी के बारे में पहले से पता था। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने गृहमंत्री को निर्देश दिया था कि डेविस का नाम उन लोगों की सूची में डाला जाए जिनके पाकिस्तान से बाहर जाने पर प्रतिबंध है। उन्होंने यह भी कहा कि एक न्याय अधिकारी और मंत्रालय ने न्यायालय को आश्वासन भी दिया था कि इस आदेश का पालन किया जाएगा। जाफरी ने कहा कि जब डेविस को रिहा किया तब भी न्यायालय का आदेश अपनी जगह पर था क्योंकि न्यायालय ने अपने आदेश को निरस्त नहीं किया था। न्यूयॉर्क, एजेंसी : पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अपने देश को बहुत खतरनाक करार दिया है। मशहूर पत्रिका टाइम को दिए साक्षात्कार के दौरान मुशर्रफ से पूछा गया था कि क्या वह पाकिस्तान को दुनिया का सबसे खतरनाक देश मानते हैं, तो उन्होंने इस बात की हामी भरते हुए कहा, यह बहुत खतरनाक है। मुझे यह कबूल करना होगा। मुशर्रफ ने अफगानिस्तान को सबसे खतरनाक देश बताया। वह वर्ष 2008 में सत्ता छोड़ने के बाद से लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं। मुशर्रफ पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में वांछित भी हैं। यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा कौन है चरमपंथ या भारत। मुशर्रफ ने कहा, इस वक्त आतंकवाद पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ा खतरा है, लेकिन आप तुलना नहीं कर सकते। ऐसा नहीं सोच सकते कि पाकिस्तान में हमेशा ऐसे हालात रहेंगे। उन्होंने कहा, भारत की 90 फीसदी सेना का रुख पाकिस्तान की तरफ है। हम कभी भारत की उपेक्षा नहीं कर सकते, जो हमारे देश के लिए वाकई खतरा है। यह पूछे जाने पर कि ट्यूनीशिया और मिस्र के शासकों की तरह उन्होंने भी जनभावना को समझते हुए पद छोड़ा था तो मुशर्रफ ने कहा, मुझे इस तुलना पर आपत्ति है। मैंने शांतिपूर्ण ढंग से सत्ता छोड़ी थी। ऐसे में दोनों शासकों के साथ मेरी तुलना नहीं की जा सकती। लीबिया के संदर्भ में उन्होंने कहा, जनभावना सर्वोपरि होनी चाहिए। लीबिया में फिलहाल गृहयुद्ध जैसे हालात हैं। इसका राजनीतिक समाधान होना चाहिए। पाकिस्तान लौटने और राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की अपनी योजना के बारे में पूछे जाने पर मुशर्रफ ने कहा, मैं बहुत सहज हूं। मैं दुनियाभर में जा रहा हूं और व्याख्यान दे रहा हूं। इसके लिए लोग मुझे अच्छा भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने नौ वर्षों तक शासन किया। मुझे पता है कि आज पाकिस्तान मुश्किल का सामना कर रहा है। वहां नेतृत्व का अभाव है। मैं अपने मुल्क को इस मुश्किल से बाहर निकालने के लिए जाना चाहता हूं। मुशर्रफ ने कहा कि भारत की वजह से पाक ने परमाणु हथियार बनाए और इस पर सभी पाकिस्तानियों को नाज है।

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