पिछले एक महीने से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर सेना के दो धड़ों में बंटने से यमन में अब गृहयुद्ध के आसार नजर आ रहे हैं। अमेरिकापरस्त राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के प्रति वफादार रिपब्लिकन गार्ड्स और सेना का बागी धड़ा खुलकर आमने-सामने आ गया है। दोनों धड़ों में गुरुवार को झड़प भी हुई। इसमें एक कर्नल समेत दो सैन्यकर्मी जख्मी हो गए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सेना के दो धड़ों में बंटने से देश में गृहयुद्ध की आशंका पैदा हो गई है। तीन शीर्ष कमांडरों के नेतृत्व में सेना का बागी धड़ा सालेह विरोधी प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहा है। देश के प्रमुख कबाइली नेता, राजनयिक, प्रांतीय गवर्नर और मीडिया भी प्रदर्शनकारियों का साथ दे रहे हैं। 32 साल से यमन की सत्ता पर काबिज सालेह ने अगले साल की शुरुआत में सत्ता छोड़ने की घोषणा की है। लेकिन, प्रदर्शनकारी उनसे तत्काल सत्ता छोड़ने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों पर लगाम कसने के लिए सालेह ने बुधवार को देश में एक महीने के लिए आपातकाल की घोषणा कर दी थी। इससे सुरक्षा एजेंसियों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ असीमित अधिकार मिल गए हैं।
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