अमेरिकी खुफिया एजेंसी (एफबीआइ) को दुनिया की सबसे सशक्त एजेंसी माना जाता है, लेकिन पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी गतिविधियां उसकेलिए सबसे कठिन चुनौती बन गई हैं। आतंकी संगठनों की धमकी के चलते एजेंसी को सबसे खतरनाक माहौल का सामना करना पड़ रहा है। यह बात एफबीआइ के प्रमुख रॉबर्ट मुलर ने कांग्रेस के समक्ष सुनवाई के दौरान कही। उन्होंने कहा, पिछले साल एफबीआइ को आतंकवाद, जासूसी, साइबर हमले और पारंपरिक अपराधों से असाधरण खतरों का सामना करना पड़ा। मगर आतंकवाद के खिलाफ चुनौती कभी इतनी बड़ी नहीं रही। एफबीआइ को इतने खतरनाक माहौल का सामना पहले नहीं करना पड़ा जितना कि आज है। उन्होंने कहा कि इन आतंकी साजिशों के इरादे और तरीके भी अलग अलग थे। इस कारण इनसे लड़ना सबसे जोखिम भरा रहा। उन्होंने साइबर हमले का भी जिक्र किया। मुलेन ने कहा कि दुनिया में सबसे खतरनाक आतंकी संगठन अल कायदा जो पाकिस्तान और पाकिस्तान अफगान सीमा से अपनी गतिविधियां चलाता है अब अन्य क्षेत्रों फैल गया है। खासकर अरब प्रायद्वीप में। चौंकाने वाली बात यह है कि कट्टरपंथ को फैलाने में इंटरनेट अहम औजार के रूप में उभरकर सामने आया है। इसके अलावा एफबीआई अमेरिका में रहने वाले लीबिया के लोगों से पूछताछ कर रही है। उसे आशंका है कि लीबिया उस पर आतंकी हमला कर सकता है। एफबीआइ निदेशक मुलर ने कहा,हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इन लोगों से हमें कोई खतरा नहीं है|
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