चीन-रूस ने संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार का आह्वान करते हुए सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका का समर्थन किया है। दोनों देशों ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संयुक्त बयान में गुरुवार को कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका निभाने की उनकी (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) आकांक्षा का समर्थन करते हैं। फिलहाल ये तीनों देश सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य हैं। बढ़ते वैश्विक प्रभाव को देखते हुए ये सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता चाहते हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद चीन-रूस की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया, सुरक्षा परिषद को अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने व भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार की जरूरत है, ताकि यह आज की वैश्विक चुनौतियों से अधिक सफलतापूर्वक लड़ सके। बयान के अनुसार, चीन-रूस अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के महत्व को स्वीकार करते हैं और समझते हैं तथा संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका निभाने की उनकी आकांक्षा का समर्थन करते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित विश्व व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अन्य देशों का आह्वान किया था। उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र में राजनीतिक तथा सुरक्षा प्रशासन में सुधार की बात हो या अंतरराष्ट्रीय वित्तीय, मुद्रा अथवा व्यापार व्यवस्था में, इसे एक मुद्दा होना चाहिए। ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफने भी संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र में सुधार को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा, यह असम्भव है कि हमें अब भी उन्हीं संस्थागत प्रबंधनों के साथ जुड़ा होना चाहिए, जो युद्ध के बाद बने हैं। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भागीदारी बढ़ाने और उसे प्रभावी बनाने के लिए हम इसमें सुधार की आवश्यकता पर सहमति जताते हैं। परमाणु सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन पर जोर जापान में रेडियोएक्टिव खतरे के मद्देनजर भारत और ब्रिक्स के अन्य देशों ने परमाणु संयंत्रों को लेकर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया है। ब्रिक्स ने जापान सरीखे संकट की स्थिति में आपसी सहयोग का प्रस्ताव भी रखा। ब्रिक्स देशों का हालांकि मानना है कि जापान की दुर्घटना के बावजूद परमाणु ऊर्जा के विकास से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। घोषणापत्र में कहा गया, परमाणु ऊर्जा भविष्य में भी ब्रिक्स देशों में ऊर्जा का अहम हिस्सा बनी रहेगी। भारत-दक्षिण अफ्रीका करेंगे नौसैनिक अभ्यास भारत-दक्षिण अफ्रीका ने संयुक्त नौसैनिक अभ्यास का आज निर्णय करते हुए 15 अरब डालर का व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया जो अगले वर्ष तक पूरा किया जाएगा। यह निर्णय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के बीच यहां आयोजित बैठक के दौरान किया गया। दोनों देशों के नेताओं ने इस दौरान समग्र संबंधों को प्रोत्साहित करने के तरीकों पर चर्चा की। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर दोनों देशों के बीच आयोजित 45 मिनट की इस बैठक में जुमा ने डा. सिंह को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को अपने देश की यात्रा करने के वास्ते निमंत्रित करने के अपनी सरकार के इरादे से अवगत कराया। ब्रिक्स देशों के भोज में मोहम्मद रफी का गाना चीन में ब्रिक्स देशों की हुई बैठक के बाद भोज में प्रसिद्ध गायक मोहम्मद रफी का गाना बार-बार देखो पेश किया गया। चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव, ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रूजेफ और दक्षिणी अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा के स्वागत में इस शानदार भोज का आयोजन किया। भोज समारोह में जब रफी का यह गाना सुनाई दिया तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रशंसात्मक भाव में नजर आए|
No comments:
Post a Comment