Tuesday, April 5, 2011

पिता को सत्ता से बेदखल करेगा गद्दाफी का बेटा!


लीबिया के तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल इस्लाम ने देश में जारी संघर्ष को रोकने के लिए लोकतंत्र समर्थकों को सत्ता हस्तांतरण का प्रस्ताव किया है। इसमें उनके पिता को सत्ता से बेदखल किया जाना शामिल है, लेकिन इस प्रस्ताव के पक्ष में न तो गद्दाफी हैं, न ही लोकतंत्र समर्थक। लीबियाई सरकार के एक करीबी राजदूत ने रविवार को यह बात कही। माना जा रहा है कि पिछले दो हफ्ते से गठबंधन सेना के हमले के दबाव के चलते इस तरह के प्रस्ताव आ रहे हैं। राजदूत ने बताया कि आंतरिक असंतोष गहरा होने के बावजूद गद्दाफी का मानना है कि विदेशी इस्लामिक कट्टरपंथियों और पश्चिमी देशों के षड्यंत्र के चलते लोकतंत्र समर्थक उनके खिलाफ हैं, जबकि लोकतंत्र समर्थक गद्दाफी और उनके बेटों कोसत्ता से निष्कासित करने की मांग पर अड़े हैं। उल्लेखनीय है कि सैफ के शीर्ष सहयोगी मुहम्मद इस्माइल कुछ दिन पहले ब्रिटिश अधिकारियों से गुप्त रूप से मंत्रणा करने के लिए लंदन गए थे। चर्चा हैं गद्दाफी अपने पिता का स्थान लेना चाहते हैं। यूनान पहुंचे गद्दाफी के दूत देश में जारी संघर्ष से परेशान गद्दाफी ने युद्ध विराम पर चर्चा के लिए रविवार को उप विदेश मंत्री अब्देलती ओबिदी को यूनान भेजा। उन्होंने यूनान के प्रधानमंत्री जॉर्ज पनद्रेओ से मुलाकात करके कहा कि लीबिया इस संघर्ष को खत्म करना चाहता है। यूनान के विदेश मंत्री दिमित्रिस द्रोउत्सास ने कहा लगता है लीबिया के अधिकारी संघर्ष का समाधान ढूंढ रहे हैं। हालांकि इस बात के कोई संकेत नहीं दिए तेल उत्पादक देश ब्रेगा में जारी लड़ाई को रोकने के लिए बातचीत से इतर वो कौन सा प्रस्ताव स्वीकार करने का इच्छुक है। बे्रगा में घमासान तेज लीबिया के प्रमुख शहर ब्रेगा पर कब्जे के लिए कर्नल मुअम्मर गद्दाफी की सेना और विद्रोहियों के बीच लगातार तीसरे दिन घमासान जारी है। दूसरी ओर गठबंधन सेना, सरकारी बलों पर लगातार हवाई हमले कर रही है। वेबसाइट अल जजीरा डॉट नेट के अनुसार सरकारी बलों ने ब्रेगा के पूर्व में रविवार को विद्रोहियों पर तोपों से हमले किए, उसके बाद सैकड़ों की संख्या में विद्रोहियों ने रॉकेटों के जरिए सरकारी बलों पर जवाबी हमले किए। शहर के पश्चिमी हिस्से में काला धुआं उड़ता हुआ देखा गया। कुछ विद्रोहियों ने कहा है कि सेना से बगावत कर आए कुछ बेहतर प्रशिक्षित लड़ाके शहर के अंदर अभी भी गद्दाफी के सैनिकों से जूझ रहे हैं। विद्रोही, शहर के पश्चिमी छोर के पास स्थित एक विश्वविद्यालय परिसर में घुसने में सफल हो गए हैं। वहां संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, जब विद्रोही एक महीने पहले उस इलाके में पहुंचे थे, लेकिन गद्दाफी के सैनिकों पर हो रहे हवाई हमले के बावजूद विद्रोही आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। अजदाबिया के मुख्य अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार रविवार को चार लोग मारे गए थे और नौ अन्य घायल हो गए थे। दूसरी ओर तुर्की के एक पोत ने मिसराता में हाल के संघर्ष में घायल हुए 250 से अधिक लोगों को बचाने में मदद की। अस्पताल की सुविधा वाला अंकारा नामक यह पोत तुर्की नौसेना के दो युद्धपोतों व वायु सेना के 10 एफ-16 लड़ाकू विमानों के सुरक्षा घेरे में पहुंचा था|

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