अमेरिका में पाकिस्तानी राजूदत हुसैन हक्कानी ने कहा है कि उनके देश में मौजूद आतंकी संगठन भारत और पाकिस्तान के संबंधों को सुधरने नहीं देना चाहते। उन्होंने स्वीकारा कि मुंबई हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गति धीमी है। उन्होंने कहा कि मुंबई हमले को उन आतंकवादियों ने अंजाम दिया, जो दोनों देशों के बीच युद्ध देखना चाहते हैं। उन्होंने यह बात हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित दक्षिण एशिया का भविष्य विषय पर आयोजित संगोष्ठी में कही। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के संबंधों की तुलना एक दंपती के बीच होने वाले तलाक से की है। उन्होंने कहा दोनों देशों के रिश्ते तलाक लेने वाले उस दंपती की तरह हैं, जिसने एक-दूसरे को परमाणु हथियार थमा दिए हैं। उन्होंने कहा,मुंबई हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ धीमी कानूनी कार्रवाई की वजह व्यवस्था में खामी है। इसका यह मतलब नहीं कि हम इसे तेज नहीं करना चाहते। यह व्यवस्था से जुड़ा सवाल है, जिसे बदलने में वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि 1947 की त्रासदी दोनों देशों के लाखों लोगों को झेलनी पड़ी थी। भारत में ऐसे भी कई लोग हैं जो भारत-पाकिस्तान के मुद्दे पर राजनीति खेल रहे हैं। वे कारगिल और मुंबई हमले का हवाला देकर दोनों देशों के बीच बातचीत का विरोध करते हैं। अगर यह रवैया रहा तो हमें कुछ भी हासिल नहीं होगा, सिवाय युद्ध के। स्वदेश नहीं लौटेंगे मुशर्रफ ब्रिटेन में स्वनिर्वासन में रह रहे पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ स्वदेश नहीं लौटेंगे। पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व ने उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने से इंकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। मुशर्रफ को अल-कायदा और तालिबान से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना ने मुशर्रफ के उस आग्रह को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि सेना पाकिस्तान पहुंचने पर उनकी गिरफ्तारी को अपने प्रभाव से रोके|
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