महीनाभर पहले आए विनाशकारी भूकंप और प्रलयंकारी सुनामी की मार झेल रहे जापान के पूर्वोत्तर हिस्से में गुरुवार रात आए शक्तिशाली भूकंव की वजह से तीन लोगों की मौत हो गई और 132 घायल हो गए तथा मियागी के ओनागावा परमाणु संयंत्र के इस्तेमाल हो चुके ईधन के कुंड से पानी बहने लगा। भूकंप की वजह से तटीय इलाकों के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और उनसे संबद्ध परिसरों की बत्ती गुल हो गई और उनके कूलिंग सिस्टम को आपात बिजली पर निर्भर होना पड़ा। जापान की समाचार एजेंसी एनएचके के अनुसार भूकंप की वजह से 26 लाख मकानों में बिजली गुल हो गई। जिसे शुक्रवार दोपहर तक बहाल नहीं किया जा सका। टोक्यो इलेक्टि्रक पॉवर कम्पनी (टेप्को) के अनुसार ओनागावा परमाणु संयंत्र के तीनों रिएक्टरों में फर्श पर पानी फैल गया। यहां आठ स्थानों पर रिसाव की खबर है। टर्बाइन की इमारत में दबाव को नियंत्रित करने वाले उपकरण को भी नुकसान पहुंचा है। ओनागावा संयंत्र की बाहरी बिजली लाइन संख्या-तीन और चार ने काम करना बंद कर दिया है और उसके कूलिंग सिस्टम को बची हुई बिजली की लाइन पर निर्भर होना पड़ा है। टेप्को भूकंप से संयंत्र को पहुंचे नुकसान का जायजा ले रही है। उसका कहना है कि संयंत्र के आसपास विकिरण के स्तर में कोई बदलाव नहीं देखा गया है। ओमोरी स्थित परमाणु ईधन संयंत्र में भी बिजली की बाहरी लाइने ठप्प हो गई और कूलिंग सिस्टम को आपात बिजली मुहैया करानी पड़ी। टेप्को ने कहा कि गुरुवार को भूकम्प से फुकुशिमा संयंत्र तथा दायनी संयंत्रों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। सभी कर्मचारियों को एहतियातन वहां से हटा लिया गया था। किसी के भी घायल होने की सूचना नहीं है। इन दोनों की बिजली आपूर्ति पर असर नहीं पड़ा। फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में रिएक्टर कूलिंग सिस्टम बहाल करने का काम जारी है। टेप्को ने कहा है कि निचले स्तर की रेडियोधर्मिता से प्रभावित जल को समुद्र में बहाने का काम जारी रहेगा ताकि रिएक्टर संख्या दो के तहखाने के करीब टर्बाइन की इमारत और कंकरीट सुरंग में रिसे बहुत ज्यादा रेडियोधर्मिता वाले पानी को भंडार करने के लिए जगह बनाई जा सके। इस बीच संयंत्र में हाइड्रोजन विस्फोट रोकने के लिए वहां नाइट्रोजन की भराई का काम भी जारी है। अग्नि एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी ने खबर दी है कि 7.4 की तीव्रता वाले इस भूकम्प के बाद यामागाता के ओबानाजावा शहर में शुक्रवार सुबह 63 वर्षीया महिला मृत पाई गई। अग्निशमन अधिकारियों को अंदेशा है कि संभवत: भूकंप के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से ऑक्सीजन देने वाले यंत्र ने काम करना बंद कर दिया होगा। इसी तरह इशीनोमाकी शहर में 79 और 85 वर्ष के दो पुरुषों की एक अस्पताल में मौत हो गई। मियागी में चार मकान नष्ट हो गए और तीन में आग लग गई। भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी जिसे बाद में वापस ले लिया गया। गत 11 मार्च के बाद यह भूकंप का सबसे शक्तिशाली झटका था। इस बीच 11 मार्च के भूकंप और सुनामी में मरने वालों या लापता लोगों की संख्या 27,000 का आंकड़ा पार कर गई है। जापान से विकिरण प्रभावित पानी छोड़े जाने पर चीन ने गहरी चिंता जताई जापान के क्षतिग्रस्त फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से प्रशांत महासागर में रेडियोधर्मिता से प्रभावित पानी छोड़े जाने पर चीन ने गहरी चिंता जताई है। जापानी संयंत्र के संचालक टोक्यो इलेक्टि्रक पावर कंपनी (टेप्को) ने इस हफ्ते की शुरुआत में समुद्र में 11500 टन कम स्तर वाला रेडियोधर्मिता से प्रभावित पानी छोड़ा था। इसके बाद चीन के अधिकारियों का मानना है कि चीन के कई शहरों में विकिरण का फैलाव महसूस किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने कहा कि जापानी पक्ष ने इस बारे में चीन को सूचित किया है और पड़ोसी होने के कारण चीन स्वाभाविक रूप से चिंतित है।
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