Saturday, April 9, 2011

गद्दाफी को सैन्य ताकत से अपदस्थ करना असंभव


संकटग्रस्त देश लीबिया में तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी को गद्दी से हटाने की कोशिश में लगी अमेरिकी सेना के जनरल ने हार मान ली है। उनका कहना है कि गद्दाफी को सैन्य ताकत से अपदस्थ करना असंभव है। लीबिया में कमांड जनरल कार्टर हेम ने अमेरिकी सीनेट में कहा, मुझे नहीं लगता कि लीबिया में तानाशाही का अंत सेना के इस्तेमाल से हो सकता है। लोकतंत्र समर्थकों के लिए भी इस लड़ाई को जीतना काफी मुश्किल है। पश्चिमी देशों की मुश्किलें बढ़ीं पूर्वी लीबिया के अजदाबिया शहर में गुरुवार को लोकतंत्र समर्थकों के ठिकाने पर गलती से हुई बमबारी में पांच लोकतंत्र समर्थकों के मारे जाने से नाटो सेना की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नाटो का कहना है इन हमलों में निर्दोष नागरिकों की रक्षा करना बड़ा मुश्किल है। पिछले एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब नाटो ने गद्दाफी विरोधियों पर ही हमला कर दिया। इससे पहले पिछले शनिवार को ही हुए हवाई हमले में 13 निर्दोष मारे गए थे। नाटो का कहना है कि वो इन हमलों की जांच करेगा। तेल उत्पादक शहर ब्रेगा में नाटो के निरंतर हमलों का गद्दाफी और उसकी सेनाओं पर कोई खास असर नहीं हो रहा है। दूसरी ओर पश्चिमी शहर मिसराता में गद्दाफी की सेना लगातार कहर बरपा रही है। नाटो पर अब नहीं रहा यकीन खुद पर हुए दो हमलों के बाद लोकतंत्र समर्थकों को नाटो की नीयत पर शक होने लगा है। इन्हीं में से एक सलेम मिस्लात ने कहा, नाटो सेनाएं झूठ बोल रही हैं। दरअसल वे गद्दाफी की तरफ हैं। जबकि दूसरे समर्थक का कहना है कि यह गलती से हुआ हमला है। मगर हमें इसके बारे में स्पष्टीकरण चाहिए। जरूरतमंदों में बंटेगी संपत्ति अमेरिका का कहना है कि लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी और उनके सहयोगियों की जब्त की गई संपत्तियों का इस्तेमाल उत्तरी अफ्रीकी का इस देश के जरूरतमंद लोगों के लिए किया जा सकता है। अमेरिकी अधिकारी डेविड कोहेन ने कहा, ओबामा प्रशासन और कांग्रेस इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि अमेरिका में जब्त की गई गद्दाफी और उसके करीबियों की संपत्ति का क्या किया जाए? उन्होंने अमेरिकी सीनेट फाइनेंस कमैटी के समक्ष कहा कि इस संपत्ति का प्रयोग मानवीय कार्यो में करने की चर्चा चल रही है। चार पत्रकारों को पकड़ा मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) के प्रवक्ता ने कहा है कि लीबियाई शासक मुअम्मार गद्दाफी के वफादार सैनिकों ने चार पत्रकारों को पकड़ रखा है। इनमें एक स्पेनिश, दो अमेरिकी और दक्षिण अफ्रीकी पत्रकार शामिल हैं। समाचार एजेंसी ईएफई के अनुसार प्रवक्ता पीटर बौकार्ट ने कहा कि इलाके में स्थित एचआरडब्ल्यू के प्रतिनिधियों से मिली जानकारी के अनुसार चारों पत्रकारों को ब्रेगा शहर के पास रखा गया है। बौकार्ट ने कहा कि चारों पत्रकार एक कार में जा रहे थे, उसी समय गोला उनके सामने आकर फटा और उन्हें रुकना पड़ा। उसके बाद गद्दाफी के वफादार सैनिकों ने उन्हें हिरासत में ले लिया और वे दो वाहनों में उन्हें कहीं दूर लेकर चले गए। एचआरडब्ल्यू ने पत्रकारों की रिहाई की कोशिश में गद्दाफी सरकार के प्रतिनिधियों से संपर्क किया था। स्पेश के विदेश मंत्री त्रिनिदाद जिमेनेज ने कहा कि जैसे ही सरकार को पता चला कि स्पेनिश पत्रकार लापता हो गए हैं, सरकार ने उनके ठिकाने के बारे में पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी है। सरकार, यूरोपीय संघ के साथ संपर्क में है, ताकि यह मामला सुलझाया जा सके।


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